हिसार। रिश्वत मामले में फंसे ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुरेश चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका और उसके चपरासी रामपाल की जमानत याचिका पर मंगलवार को जिला सत्र एवं न्यायाधीश अरुण कुमार सिंघल की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने रामपाल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। आरोपी रामपाल की तरफ से अदालत में अधिवक्ता जेएस मल्ही पेश हुए और शिकायतकर्ता रामबिलास की तरफ से अभियोजन पक्ष के सरकारी अधिवक्ता भारत भूषण दहिया ने बहस की। उन्होंने सुरेश चौधरी के गाड़ी चालक सुमित की जमानत रद करवाने के दौरान जिस दिशा में अधिवक्ता रमेश यादव को साथ लेकर बहस की थी। उसी दिशा और आधारों पर रामपाल की जमानत याचिका खारिज करवाने पर बहस की। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने प्रथम दृष्टता यह माना कि ये रिश्वत का गंभीर मामला है। आरोपी रंगे हाथ सुरेश चौधरी के लिए रिश्वत इकट्ठी करते हुए पकड़ा गया है। इसलिए मामले की गंभीरता देखते हुए रामपाल की जमानत याचिका रद कर दी गई। वहीं दूसरी तरफ सुरेश चौधरी की याचिका पर सुनवाई के लिए 14 अक्तूबर निर्धारित की है। वहीं दूसरी तरफ सुरेश चौधरी के खिलाफ विज्ञापन जारी करने को लेकर एसीजेएम नीरू कंबोज की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई। मामले में फैसला 13 अक्तूबर के लिए सुरक्षित रख लिया है।