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घातक डेंगू : पिछले दो साल में 285 मरीज मिले थे, इस बार सिर्फ अक्तूबर में मिल चुके 385 केस

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हिसार। जिले में डेंगू का डंक अब घातक हो रहा है। शनिवार को 40 नए केस मिलने के साथ ही डेंगू मरीजों का आंकड़ा 393 पहुंच चुका है। पिछले दो साल में 285 डेंगू मरीज मिले थे, जबकि इस बार अक्तूबर में ही 385 मरीज आ चुके हैं।
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वहीं, नागरिक अस्पताल में विभिन्न संस्थाओं के जरिये 100 डोनर रजिस्टर्ड हैं। ये 100 डोनर जरूरतमंदों को प्लेटलेट्स दे रहे हैं। ऐसे में अब ये संस्थाएं अन्य संस्थाओं से संपर्क साधने के साथ-साथ, दोस्त, रिश्तेदारों की मदद ले रही है। नागरिक अस्पताल में शनिवार को दाखिल कई मरीजों को उनके रिश्तेदार ब्लड डोनेट करने पहुंचे।
दादा की प्लेटलेट्स पहुंची 16 हजार, पोते और उसके दोस्तों ने किया रक्तदान
डेंगू पीड़ित राजथल निवासी 48 वर्षीय एक सेवानिवृत्त सूबेदार की प्लेटलेट्स घटकर 16 हजार पहुंच गई। उसे शहर के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। रैंडम डोनर प्लेटलेट्स के लिए वह नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचे तो उन्हें चार डोनर लाने के लिए बोला गया। इसके बाद उसका पोता अश्वनी, उसका दोस्त जमालपुर निवासी उमेद सिंह, जींद के दरौदी निवासी नीतिन और एक अन्य ने प्लेटलेट्स डोनेट की। वहीं, ढाणी श्यामलाल निवासी महिला की प्लेटलेट्स 16 हजार पहुंच गई। उसे नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया। उसके पति तारकेश्वर के दोस्तों मनोज, श्यामा, ऋषभ ठकराल और राहुल ब्लड डोनेट किया।
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फार्मासिस्ट अनिल शर्मा को भी डेंगू
नागरिक अस्पताल में चिकित्सक नीरज व फार्मासिस्ट अनिल शर्मा को भी डेंगू हो गया। डॉ. अनामिका ने उनके लिए प्लेटलेट्स डोनेट की। डॉ. रमेश पूनिया ने भी एक मरीज के लिए प्लेटलेट्स डोनेट की।
सैंपल 2173
मरीज 393
रिकवर 222
सक्रिय केस 170
ब्लड बैंकों पर किट की स्थिति
मंगलम ब्लड बैंक 35
सर्वोदय ब्लड बैंक 00
नलवा ब्लड बैंक 00
सीएमओ ने बैठक में दिए निर्देश
सीएमओ डॉ. रत्ना भारती ने शनिवार दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक सोसायटी कार्यालय में आईएमए पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्हें डेंगू उपचार संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। सीएमओ ने विभाग की तरफ से जारी गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए हैं। गाइडलाइन के अनुसार निजी लैब में किए जाने वाले डेंगू के रैपिड टेस्ट करने पर कोई पॉजिटिव मिलता है तो उसका एनएस-1 या डैंगू का टेस्ट जरूर करवाएंगे तो ही उसे डेंगू पॉजिटिव माना जाएगा।
संजीवनी अस्पताल को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। यह अस्पताल 15 नवंबर तक के लिए बनाया गया है। इसके उपयोग के बारे में उच्च अधिकारियों को ही फैसला लेना है। हमने इसके लिए मुख्यालय को पत्र भेजा हुआ है। - डॉ. रतना भारती, सीएमओ, हिसार
कोरोना के बाद डेंगू ने जिले में कोहराम मचाया हुआ है। चिकित्सा सुविधाएं कम पड़ रही हैं। छोटे-छोटे बच्चों को जान जाना बहुत पीड़ादायक है। साफ तौर पर विधायक, मेयर, उपायुक्त, चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही है। इन सभी पर लोगों की हत्या का केस दर्ज होना चाहिए। - संजीव भोजराज, अध्यक्ष, मदद एनजीओ
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