हिसार। मुख्यमंत्री नायब सैनी के निर्देशों के बाद बिजली निगम प्रबंधन ने सड़कों के किनारे लगे निष्क्रिय बिजली खंभों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने अधिकारियों को शेष खंभे हटाने के लिए 31 दिसंबर तक की समय-सीमा दी है।
मार्च में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए गए थे। इसके बाद से निष्क्रिय खंभों को चिह्नित कर हटाने और उनसे संबंधित सामग्री निर्धारित प्रक्रिया के तहत निगम के स्टोर में जमा कराने का काम किया जा रहा है।
सितंबर तक दोनों निगमों में कुल 6,443 निष्क्रिय बिजली खंभे चिह्नित किए गए थे। इनमें से 4,222 हटाए जा चुके हैं, जबकि 2,221 खंभे हटाए जाने बाकी हैं। डीएचबीवीएन में 889 और यूएचबीवीएन में 3,333 खंभे हटाए जा चुके हैं। यह अभियान बिजली वितरण नेटवर्क को व्यवस्थित करने, सड़कों के किनारे अनुपयोगी ढांचे को हटाने और सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
डीएचबीवीएन के रेवाड़ी और भिवानी सर्कल में सबसे ज्यादा काम लंबित
डीएचबीवीएन की सर्कलवार रिपोर्ट के अनुसार, निष्क्रिय बिजली खंभे हटाने का सबसे अधिक काम रेवाड़ी सर्कल में लंबित है। यहां 11 केवी लाइन के 795 और 33 केवी लाइन के 336 खंभे हटाए जाने बाकी हैं। भिवानी सर्कल में 11 केवी लाइन के 24 और 33 केवी लाइन के 118 खंभे हटाए जाने शेष हैं। अन्य सर्कलों में नारनौल में 11 केवी लाइन के 39 और 33 केवी लाइन के 208 खंभे लंबित हैं। फतेहाबाद में 11 केवी लाइन के 194 खड़े और नौ पड़े खंभे तथा 33 केवी लाइन के 107 खड़े और छह पड़े खंभे हटाए जाने बाकी हैं। गुरुग्राम-1 में 11 केवी लाइन के सात और जींद में पांच खंभे हटाने का काम लंबित है। फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम-2 और सिरसा सर्कलों में खंभे हटाने का काम पूरा हो चुका है। बाकी सर्कलों में लंबित कार्य तय समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
यूएचबीवीएन में 318 खंभे हटाने बाकी
जनसंपर्क अधिकारी संजय चुघ ने बताया कि यूएचबीवीएन में चिह्नित 3,651 निष्क्रिय खंभों में से 3,333 हटाए जा चुके हैं। इस तरह निगम ने 91 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है और अब 318 खंभे हटाने बाकी हैं। झज्जर में 33, पानीपत में 22, सोनीपत में 25 और कैथल में 57 खंभे हटाए जाने लंबित हैं। इसके अलावा अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर और अन्य सर्कलों में दर्ज शेष खंभों को भी हटाया जाना है। रोहतक सर्कल में 33 केवी लाइन के 112 खंभे खड़े हैं। इनका भविष्य में औद्योगिक क्षेत्र में इस्तेमाल किए जाने की संभावना है। वहीं, करनाल में 33 केवी लाइन के आठ खंभों का एलटी लाइन के काम में उपयोग किए जाने की जानकारी दी गई है।
दोनों निगमों की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, शेष निष्क्रिय बिजली खंभों को हटाने के लिए 31 दिसंबर तक की समय-सीमा तय की गई है। संबंधित अधिकारियों को लंबित काम निर्धारित अवधि में पूरा करना होगा। इससे सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
- विक्रम सिंह, प्रबंध निदेशक, बिजली निगम।