फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोअभयारण्य में मैनेजमेंट की कमी : उपनिदेशक

विज्ञापन
विज्ञापन
गांव ढंढूर स्थित नगर निगम के गो अभयारण्य में 529 गायों की मौत के मामले में जांच करने बुधवार को गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला पहुंचे। उन्होंने मेयर गौतम सरदाना, निगम कमिश्नर डॉ. जेके आभीर व पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ गो अभयारण्य में गायों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। चेयरमैन के सामने पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीएस सिंधु ने कहा कि गो अभयारण्य में मैनेजमेंट की कमी है। हालांकि मैनेजमेंट में कौन से सुधार के उपाय किए जाए, इसका डॉ. सिंधु कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। मीडिया से बातचीत में जब सवाल किया गया कि गो अभयारण्य में पशु चिकित्सकों की कितनी संख्या है तो उपनिदेशक ने जवाब दिया कि दो वेटरनरी सर्जन सहित पांच डॉक्टर तैनात है। इस पर चेयरमैन भानीराम ने कहा कि मगर स्थायी कोई नहीं है। गो अभयारण्य में पशु चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चेयरमैन ने कहा कि 25 लाख रुपये की लागत से गो अभयारण्य में ही पशु अस्पताल बनाया जाएगा। उसमें पशुओं के इलाज के लिए सभी व्यवस्थाएं की जाएंगी।
विज्ञापन

अधिकारियों का दावा, गो अभयारण्य में आई हर गाय बीमार
पशुपालन विभाग के अधिकारियों से जब यह पूछा गया कि इस समय और कितनी गायें बीमार है, तो वह इसका कोई सटीक जवाब नहीं दे पाए। हालांकि, चेयरमैन के सामने ही विभाग के अधिकारियों ने कहा कि गो अभयारण्य में आई हर गाय बीमार है क्योंकि इन गायों के पेट में काफी पॉलिथीन है। इन गायों की तो यहां सिर्फ मेंटेनेंस हो सकती है। इनको दवाईयां देने से भी पॉलिथीन से होने वाले नुकसान को नहीं रोका जा सकता है। चेयरमैन के माध्यम से पशुपालन विभाग ने 9 लाख रुपये गायों की दवाओं के लिए भी उपलब्ध करवाए हैं।
मेयर ने आयोग से चारे के लिए हर महीने 5 लाख रुपये मांगे
इस दौरान मेयर गौतम सरदाना ने चेयरमैन भानीराम मंगला को बताया कि गो अभयारण्य में चारे की व्यवस्था दानी सज्जनों के सहयोग से की जा रही है। उन्होंने चेयरमैन से गो अभयारण्य में गायों के चारे के लिए हर महीने पांच लाख रुपये की राशि देने की मांग की। इस पर चेयरमैन ने कहा कि गो सेवा आयोग के सदस्यों के सामने उनकी मांग को रखा जाएगा। अगर सभी सदस्यों ने सहमति दी तो यह मांग सिरे चढ़ा दी जाएगी।
विज्ञापन

चार वीएलडीए की स्थायी नियुक्ति के लिए सौंपा पत्र
नगर निगम प्रशासन द्वारा चेयरमैन भानीराम को गो अभयारण्य में गायों की संख्या अधिक होने के कारण चार वीएलडीए की स्थायी नियुक्ति के लिए मांगपत्र सौंपा गया है। चेयरमैन ने आश्वासन दिया कि वह इस पत्र को प्रदेश सरकार के पास भेजेंगे।
चेयरमैन बोले, खुशी हुई, पार्षद इतने जागरूक हैं
इस दौरान वार्ड 14 के पार्षद अमित ग्रोवर और वार्ड नंबर 12 के पार्षद जगमोहन मित्तल ने भी कई चीजों को लेकर चेयरमैन से सवाल जवाब किए। इस पर चेयरमैन ने कहा कि उन्हें खुशी हुई कि पार्षद इतने जागरूक हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पार्षदों को गो अभयारण्य से संबंधित हर जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। इस मौके पर अधीक्षक अभियंता रामजीलाल, समाजसेवी अशोक बंसल, पार्षद अमित ग्रोवर, पार्षद जगमोहन मितल, पार्षद उमेद खन्ना व पशुपालन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
यह उठाए जाएंगे सुधार के कदम
- गो अभयारण्य में पशु अस्पताल बनेगा।
- वीएलडीए की स्थायी नियुक्ति होगी।
- रजिस्टर लगेगा, जिसमें कितने पशुओं का इलाज हुआ, क्या ट्रीटमेंट दिया, इसकी जानकारी होगी।
- पांच कर्मचारी और बढ़ाए जाएंगे।
- प्रति पशु के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या तय करने के लिए रिपोर्ट मांगी गई है।
- जो अधिक बीमार पशु हैं, उनको कुरुक्षेत्र गोशाला के अस्पताल में भेजा जाएगा।
जनता से अपील : पॉलिथीन प्रयोग न करें, पशुओं की हो रही मौत
अमर उजाला की भी शहरवासियों से मार्मिक अपील है कि वह पॉलिथीन का प्रयोग न करें क्योंकि इस पॉलिथीन को खाने के कारण पशुओं की मौत हो रही है। गो अभयारण्य में भी गायों की मौत का एक बड़ा कारण पॉलिथीन भी है। इसके अलावा शहर में जगह-जगह पर हरा चारा डालने की बजाय गो अभयारण्य में ही चारा भिजवाएं ताकि वहां पशुओं को पूरा पोषण मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें