डीसी निखिल गजराज तथा एसपी राजेंद्र कुमार मीणा सोमवार को मय्यड़ टोल प्लाजा के पास पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। डीसी ने डीआरओ के जरिए समिति के सदस्यों को बातचीत के लिए न्योता भेजा है। समिति सदस्यों को मंगलवार को बातचीत के लिए बुलाया गया है।
डीसी निखिल गजराज ने मौके पर तैनात पुलिस कर्मचारियों से बातचीत करते हुए कहा कि किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तुरंत बताएं। सुरक्षा को लेकर डीएसपी भगवानदास, डीएसपी जितेंद्र, डीएसपी नरेंद्र कादयान, डीएसपी गीतिका जाखड़ सहित अन्य अधिकारियों को मौके पर सुरक्षा संबंधी निर्देश जारी किए। डीसी निखिल गजराज ने डीआरओ ब्रह्मजीत अहलावत को निर्देश दिए कि अगर समिति के पदाधिकारी बातचीत के लिए आना चाहें तो हम तैयार हैं। डीसी ने नगर निगम के मोबाइल टॉयलेट को यहां लगाने का निर्देश जारी किया। डीसी व एसपी रविवार देर शाम भी टोल प्लाजा के करीब तक जायजा लेने पहुंचे थे।
एनएच किनारे से 80 प्रतिशत फोर्स शिफ्ट
नेशनल हाइवे से गुजर रहे लोगों में किसी तरह का खौफ न हो इस कारण हाइवे किनारे तैनात 80 प्रतिशत फोर्स को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। टोल प्लाजा के पास भी पुलिस बल की संख्या को कम कर दिया गया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट सूरजभान ने कहा कि फोर्स को हटाया नहीं गया है। अलग अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। धरना स्थल पर पहुंचने वालों को रोककर उनके वाहनों के नंबर दर्ज किए जा रहे हैं।
प्रशासन उकसाने का कर रहा प्रयास
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा है कि पुलिस कर्मचारी धरने पर आने वाले वाहनों चालकों की आईडी मांग रहे हैं। यह सही तरीका नहीं है। प्रशासन अधिकारी गाड़ियों के नंबर दर्ज कर रहे हैं। इसके बाद आईडी क्यों मांगी जा रही है। इस तरह से प्रशासन लोगों को उकसाने का प्रयास कर रहा है।
हमने धरने को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। निर्देश संबंधित कंपनियों को ब्रीफिंग लगातार की जा रही है। हमारी साइबर सेल की टीम सोशल मीडिया की निगरानी कर रही है। ताकि कोई भड़काऊ सामग्री पोस्ट न कर सके। जनता भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहे।
- राजेंद्र कुमार मीणा, एसपी, हिसार