डीसी निखिल गजराज ने सीटीएम सरजीत नैन को कारण बताओ नोटिस थमाया है। सीटीएम को 12 मार्च को रामायण रेलवे ट्रैक के पास जाट धरने से गायब रहने पर डीसी ने यह नोटिस जारी किया। सीटीएम से नोटिस पर दो दिन में जवाब मांगा है।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से पिछले करीब 48 दिन से धरना चलाया जा रहा है। धरने पर डीआरओ ब्रह्मजीत अहलावत, डिप्टी सीईओ सूरजभान, नायब तहसीलदार एचके गुप्ता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। डीआरओ का हिसार से रोहतक तबादला होने के बाद सीटीएम सरजीत नैन को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। समिति की ओर से 12 मार्च को काली होली मनाने का एलान किया गया था, जिसको लेकर जाट समाज के लोग रेलवे ट्रैक पर आ गए। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुुए नारेबाजी की। यहां व्यवस्था कायम रखने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। बताया जा रहा है कि 12 मार्च को सीटीएम बीमार हो गए। इस कारण ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर मौके पर नहीं जा सके। डीसी कार्यालय से उन्हें मोबाइल पर कॉल किया गया तो बात नहीं हो सकी। इससे डीसी साहब बेहद खफा हो गए। उन्होंने सीटीएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है, जिसमें 12 मार्च को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट धरना स्थल से गायब रहने पर जवाब मांगा गया है। सीटीएम को दो दिन में जवाब देने के लिए कहा गया है। ऐसा न होने पर विभागीय कार्यवाही की जाएगी। एचसीएस अधिकारी को नोटिस के बाद डीसी का यह निर्णय प्रशासनिक महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ये थे ड्यूटी मजिस्ट्रेट
हुडा के संपदा अधिकारी सुमित कुमार, सीटीएम सरजीत नैन, जोनल प्रशासक अशोक बंसल, डीआरओ राजेंद्र जांगड़ा, बिजली निगम हांसी के एक्सईएन, श्रम विभाग के डिप्टी कमिश्नर, नायब तहसीलदार एचके गुप्ता, डिप्टी सीईओ सूरजभान को रामायण रेलवे ट्रैक के पास बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया।
मुुझे जो नोटिस दिया गया है उसका जवाब भेजेंगे। बीमार होने के कारण मैं नहीं जा सका था। किसी व्यक्ति के गैर हाजिर होने के कुछ कारण कारण हो सकते हैं। किसी की मजबूरी को जानने का प्रयास करना चाहिए।
- सरजीत नैन, सीटीएम, हिसार