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सेक्टर 14 के पास मुर्दा पशु डालने पर डीसी को हाईकोर्ट का नोटिस

Sat, 18 Mar 2017 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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सेक्टर 14 के पास एचएयू की जमीन पर अवैध तरीके से मृत पशुओं को खुले में फेंकने पर हाईकोर्ट ने डीसी, नगर निगम और एचएयू को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने इन सभी पक्षों से 25 अप्रैल को अगली सुनवाई पर जवाब पेश करने को कहा है।
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सेक्टर एसोसिएशन ने 2015 में हाईकोर्ट में दूसरी बार गुहार लगाई थी, जिस पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सुनवाई हो रही थी। सेक्टर 14 आरडब्ल्यूए की ओर से यह याचिका दायर की गई थी। इन लोगों ने कहा कि जिस जमीन पर ये पशु फेंके जा रहे हैं वह जमीन एचएयू की है, जिसके पास ही सेक्टर 14 बसा हुआ है। तेज हवाओं के साथ सेक्टर में बदबू आने से सेक्टरवासी परेशान हैं। एचएयू अपनी ही जमीन पर मुर्दा पशुओं को दबाने से नहीं रोक पा रही है। सेक्टरवासियों ने मांग की कि जब एचएयू इस जमीन को नहीं संभाल पा रहा तो इसे किसी और विभाग को देे दे। नगर निगम भी इस जमीन पर मृत पशुओं को दबाने से बाज नहीं आ रहा है और न ही जिला प्रशासन कोई नकेल कस रहा है। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि इस बारे में पहले भी गाइडलाइन जारी की जा चुकी है कि इस प्रकार मृत पशु और कचरा नहीं फेंका जा सकता। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी से लगती जमीन पर मृत पशु और कचरा फेंका जा रहा है। इस बारे में प्रशासन, एमसी व अन्य को अवगत करवाया गया परंतु कोई ध्यान नहीं दिया गया। याची ने कहा कि जिस प्रकार की गंदगी यहां जमा हो रही है, वह न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के लिए भी खतरनाक है।

2005-06 से ही फेंके जा रहे पशु
पिछले कई वर्षों से मुर्दा पशुओं को डंप किया जा रहा है। ये पशु सेक्टर की बसावट के बाद 2005-06 से ही फेंके जा रहे हैं। सेक्टरवासियों ने प्रशासन को शिकायत दी थी। मामला नहीं सुलझा तो वे 2007 में हाईकोर्ट चले गए। 2009 में हाईकोर्ट में हिसार के तत्कालीन डीसी ने शपथपत्र दिया कि भविष्य में इस जमीन पर मृत पशुओं को नहीं दबाया जाएगा। इसके लिए ढंढूर में जमीन ले ली गई है। डीसी के वादे पर केस खत्म हो गया था।
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सीएम विंडो में भी नहीं हुआ समाधान
वर्ष 2014 में नगर निगम ने दोबारा इस जमीन पर मुर्दा पशुओं को फेंकना शुरू कर दिया, जिसके बाद सेक्टरवासियों ने शहर के तत्कालीन डीसी चंद्रशेखर खरे, एसीएस हरियाणा और दो बार सीएम विंडो पर गुहार लगाई। सीएम विंडो में भी अधिकारियों ने मामला बंद करवा दिया। लगातार दबाए जा रहे मृत पशुओं की वीडियो रिकॉर्डिंग करते रहे। 2015 में सेक्टर 14 एसोसिएशन के सदस्य डॉ. संदीप गुप्ता दोबारा हाईकोर्ट चले गए।

कुलपति भी कुछ नहीं करा सके
याचिकाकर्ता डॉ. संदीप गुप्ता ने कहा कि तत्कालीन डीसी चंद्रशेखर खरे के पास कई बार शिकायतें की गई। वे कोई समाधान नहीं निकाल पाए। डीसी को सेक्टरवासियों की और से लीगल नोटिस भी भेजा गया था। कोई गौर नहीं हुआ। एचएयू के कुलपति भी इस मामले को हल नहीं करा सके।

मंत्री ने किया अनसुना
पिछले महीने जनपरिवाद समिति की बैठक में भी सेक्टर के लोगों ने इस मुद्दे को उठाने का प्रयास किया था। जिस पर अधिकारियों ने कहा कि इसके लिए आवेदन दे दो। इसके बाद मीटिंग में इस समस्या को रखेंगे। लोगों का कहना है कि जनस्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारीलाल ने इसे अनसुना कर दिया था।
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