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नॉन कोविड घोषित होने के बाद डीसी कॉलोनी वासी बुजुर्ग की गुरुग्राम में मौत

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अर्बन एस्टेट-2 में नाके पर गाड़ी चालक से पूछताछ करते तैनात पुलिस कर्मचारी। - फोटो : Hisar
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जिले के दूसरे कोरोना पॉजिटिव डीसी कॉलोनी वासी 63 वर्षीय बुजुर्ग की बुधवार शाम गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में मौत हो गई। हालांकि तीन रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा बुजुर्ग को नॉन कोविड घोषित किया जा चुका था और आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। इसी के चलते बुधवार को उनकी मुलाकात उनके बड़े बेटे से भी कराई गई थी। बताया जा रहा है कि उन्हें लो बीपी और निमोनिया की शिकायत थी।
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जैसे ही बुजुर्ग की मौत का समाचार हिसार पहुंचा तो प्रशासन भी चौकन्ना हो गया। कंटेनमेंट जोन घोषित डीसी कॉलोनी-एमसी कॉलोनी और बफर जोन घोषित अर्बन एस्टेट-2 में बनाए गए नाकों पर तैनात पुलिस कर्मचारियों को मुस्तैद कर दिया गया। सीएमओ ने अस्पताल और प्रशासनिक अधिकारियों की आपातकालीन बैठक बुलाकर आगे की रणनीति पर विचार किया। नाकों से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन चालक से पूछताछ की गई। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्य आने-जाने वाले लोगों की थर्मल स्कैनिंग करके ही जरूरत के अनुसार उन्हें जाने दे रहे थे।
परिवार में ये हैं सदस्य
बुजुर्ग के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे, दो पुत्रवधू, चार पोते-पोती और एक भाई भी परिवार सहित साथ रहता है। फिलहाल उनका एक बेटा, उसकी पत्नी व बच्चे पंचकूला में रहते हैं। इन सभी लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जो सभी निगेटिव आए थे। फिलहाल ये सभी डीसी कॉलोनी स्थित उनके मकान में ही क्वारंटीन हैं। वीरवार को क्वारंटीन की अवधि पूरे होने पर सभी का एक और सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा।
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पांच अप्रैल को ले जाया गया था मेदांता अस्पताल में
डीसी कॉलोनी निवासी बुजुर्ग को खांसी-जुकाम के चलते 30 मार्च को जिंदल अस्पताल में दाखिल कराया गया था। दो अप्रैल को उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें पांच अप्रैल को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में ले जाया गया, जहां नौ अप्रैल को एक प्राइवेट लैब की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद की तीन रिपोर्ट निगेटिव पाई गई थी।
मेदांता अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक बुजुर्ग के फेफड़े संक्रमण से पीड़ित थे। उन्हें सांस लेने में समस्या के चलते उन्हें शुरू से ही वेंटिलेटर पर रखा गया था। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक यतिन मेहता की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल प्रशासन ने हालत में सुधार होने पर उसे कोविड आइसोलेशन से जनरल आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था।
कोई विदेश हिस्ट्री नहीं
अस्पताल प्रशासन द्वारा बुजुर्ग की हिस्ट्री जांची गई थी, जिसमें उनकी विदेश यात्रा से संबंधित कोई भी जानकारी सामने नहीं आई। जिंदल अस्पताल में इलाज के दौरान भी उनके सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन मेदांता में जाने के बाद ही उनकी एक जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
वर्जन
बुजुर्ग की तीन रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी थी। उनकी मौत संभवत: निमोनिया बिगड़ने से हुई है, लेकिन मेदांता अस्पताल की फाइनल रिपोर्ट आनी बाकी है। उसके आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा।
- डॉ. योगेश शर्मा, सिविल सर्जन, हिसार
वर्जन
हमारे पास ऐसे कोई निर्देश नहीं हैं कि कंटेनमेंट और बफर जोन का समय बढ़ाया जाए। उपायुक्त की ओर से जो निर्देश आएंगे, उनके अनुसार ही सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
- गंगाराम पूनिया, एसपी, हिसार
वर्जन
हालांकि बुजुर्ग की तीन रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी थी, फिर भी एहतियाती कदम उठाए जाएंगे, जिसके बारे में अभी संबंधित अधिकारियों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। कंटेनमेंट और बफर जोन का समय बढ़ाने की अभी कोई योजना नहीं है, जरूरत के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
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- डॉ. प्रियंका सोनी, उपायुक्त, हिसार
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