हिसार। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की तरफ से घोषित किए गए परीक्षा परिणाम में जिले के 80.28 प्रतिशत परीक्षार्थी पास हुए। अगर पिछले सात वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार का परिणाम सबसे ज्यादा रहा। इस बार 12वीं की परीक्षा में जिले से 18 हजार 14 परीक्षार्थियों (नियमित) ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 14 हजार 462 परीक्षार्थी पास हुए, जबकि दो हजार 820 परीक्षार्थियों की कंपार्टमेंट आई और 732 परीक्षार्थी फेल हुए। इसके अलावा इस बार जिले से 1101 प्राइवेट परीक्षार्थी भी परीक्षा में बैठे, जिनमें से 652 परीक्षार्थी पास हुए, जिनका पास प्रतिशत 59.62 रहा, जबकि 280 परीक्षार्थियों की कंपार्टमेंट आई और 169 परीक्षार्थी फेल हुए।
टॉप टेन में नौ बेटियों का दबदबा
इस बार भी जिले में लड़कियों का वर्चस्व रहा। टॉप टेन की सूची में सिर्फ एक लड़का रहा और बाकी नौ स्थानों पर लड़कियों ने ही बाजी मारी। सूची में शामिल एकमात्र लड़का जीएसएसएस चमारखेड़ा का छात्र है।
प्रदेश की टॉप थ्री सूची में जिले की दो बेटियां
जिले की दो छात्राओें ने प्रदेश की टॉप थ्री की सूची में स्थान हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया। शहर की भगत सिंह चौक की रहने वाली छात्रा अंशु ने कॉमर्स संकाय में 99.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप थ्री की सूची में दूसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा चमारखेड़ा निवासी छात्रा मोनिका ने कला संकाय में 99.4 प्रतिशत अंक लेकर टॉप थ्री की सूची में दूसरे स्थान पर रही। खास बात यह भी है कि मोनिका ने सरकारी स्कूल में पढ़कर यह सफलता हासिल की है। इससे पहले वर्ष 2019 में भी जिले की दो छात्राओं ने टॉप थ्री की सूची में अपना स्थान बनाया था।
रिजल्ट सुधरा, रैंकिंग में गिरावट
हालांकि इस बार रिजल्ट में सुधार आया है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार करीब दो प्रतिशत रिजल्ट ज्यादा आया है। मगर रैंकिंग की बात करे तो इस बार रैंकिंग में गिरावट आई है। पिछले वर्ष हिसार जिला प्रदेश में छठे नंबर पर था, जबकि इस बार जिले का प्रदेश में 15वां स्थान आया है। प्रदेश के सात जिले ऐसे हैं, जो रैंकिंग के मामले में हिसार से पीछे हैं।
आठ वर्षों में यह रहा जिले का रिजल्ट
वर्ष-परिणाम (प्रतिशत में)
2020-80.28
2019-78.27
2018-66.88
2017-67.49
2016-61.57
2015-51.82
2014-70.92
2013-53.73
हिसार जिले से सबसे ज्यादा विद्यार्थियों ने दी परीक्षा
इस बार 12वीं की परीक्षा हिसार जिले से सबसे ज्यादा परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे। जिले से इस बार 18 हजार 14 नियमित परीक्षार्थी नियमित व 1101 प्राइवेट परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे।
वर्जन
जिले का रिजल्ट काफी अच्छा रहा है। मैं इसके लिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों व अभिभावकों को बधाई देता हूं। इसमें जिला प्रशासन की भी अहम भूमिका रही है। जिन विद्यार्थियों के कम मार्क्स आए हैं, उन्हें भी मायूस होने की जरूरत नहीं हैं। ऐसे विद्यार्थी दोबारा से मेहनत करें।
- अनिल शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
किसी ने परीक्षा के दिनों में पूरी रात की पढ़ाई तो किसी ने पुराने प्रश्न पत्रों से की तैयारी
हिसार। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की तरफ से घोषित किए 12वीं कक्षा के परिणाम में जिले के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। परीक्षा में बढ़िया प्रदर्शन के लिए किसी ने देर रात तक पढ़ाई की तो किसी ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। अमर उजाला ने जिले की टॉप टेन सूची में शामिल विद्यार्थियों से बात कर उनकी सफलता की कहानी साझा की।
मोबाइल का सिर्फ पढ़ाई के लिए किया इस्तेमाल
मिलगेट एरिया स्थित भारत नगर निवासी व पीजीएसडी स्कूल की छात्रा करिश्मा ने 500 में से 494 अंक लेकर जिले में पांचवां स्थान हासिल किया है। करिश्मा के पिता गजेंद्र कुमार वकील और मां अंजू शिक्षिका हैं। करिश्मा ने बताया कि वह स्कूल के अलावा प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ती थी। उसने कोई ट्यूशन भी नहीं लगाया। स्कूल में शिक्षक जो पढ़ाते थे, उसे घर आकर अच्छे से रिवाइज करती थी। माइंड को रिलेक्स करने के लिए वह गाने सुनती थी। करिश्मा ने बताया कि वह बीकॉम ऑनर्स में दाखिला लेगी। उसका लक्ष्य आईएएस बनना है।
लेट नाइट तक पढ़ती थी वंदना
गांव डाबड़ा की निवासी व होली चाइल्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा वंदना ने 500 में से 494 अंक हासिल कर जिले में चौथा स्थान प्राप्त किया है। वंदना के पिता सुरेश कुमार पोस्टमास्टर व मां संजू देवी गृहिणी हैं। वंदना ने बताया कि स्कूल के अलावा वह पांच घंटे प्रतिदिन पढ़ती थी। आमतौर वह लेट नाइट तक पढ़ती थी। परीक्षा की तैयारी के लिए उसने एनसीईआरटी की बुक्स को पढ़ा। सालभर में उसने तीन बार सिलेबस को रिवाइज किया। माइंड रिफ्रेश करने के लिए वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती थी। वंदना ने बताया कि वह सीए बनना चाहती है।
पुराने प्रश्न पत्र और रेफरेंस बुक्स की ली मदद
नॉन मेडिकल संकाय से 491 अंक हासिल करने वाली संजना का लक्ष्य आईएएस बनना है। होली चाइल्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा संजना ने बताया कि टीचर अच्छे से तैयारी करवाते थे। हर रोज करीब 6 से 8 घंटे पढ़ती थी। परीक्षा को लेकर पुराने प्रश्नपत्र व संबंधित पुस्तक पढ़कर भी तैयारी की। शहर के न्यू मॉडल टाउन एक्सटेंशन में रहने वाली संजना ने बताया कि परीक्षा को लेकर किसी तरह का स्ट्रेस नहीं था, लेकिन कोरोना को लेकर पेपर न होने की टेंशन होने लगी थी कि पेपर होंगे या नहीं। लगातार पढ़ने के बाद थोड़ी देर रिलेक्स होने के लिए सो जाती थी, जागकर फिर पढ़ने लग जाती थी। संजना ने बताया कि उसके पापा विमल कुमार बिजनेसमैन और मम्मी ऊषा कुमारी आईटीआई में इंस्ट्रक्टर हैं।
भावना परीक्षा के दिनों में पढ़ती थी पूरी रात
12वीं में कॉमर्स संकाय से 491 अंक हासिल करने वाले भावना बैंकिंग में क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती है। लीडिंग सीनियर सेेेकेंडरी स्कूल की छात्रा भावना ने बताया कि परीक्षा के दिनों में पूरी रात पढ़ती थी। लगातार पढ़ने के बाद रिलेक्स होने के लिए आधे घंटे के लिए सो जाती थी। इसके बाद फिर से उठकर पढ़ने लग जाती थी। दिन में स्कूल से आने के बाद रेस्ट करती थी। किसी भी टॉपिक को लेकर जो भी डाउट होते थे, उन्हें स्कूल टाइम में ही टीचर से क्लीयर कर लेते थी। परीक्षा के दौरान कोरोना को लेकर ज्यादा स्ट्रेस में आ गई थी। आजाद नगर की रहने वाली भावना ने बताया ने कि उसके पापा राकेश दुकानदार हैं और मम्मी प्रीति देवी हाउसवाउफ ह्रैं।
किसान की बेटी 98.8 प्रतिशत अंक लेकर जिले में तृतीय
मूल रूप से खरक पूनिया गांव की निवासी और एफसी गर्ल्स सीनियर सेेकेंडरी स्कूल की छात्रा आशा ने कला संकाय में 98.8 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। आशा के पिता अजीत कुमार किसान व मां सुमन गृहिणी हैं। आशा ने बताया कि उसने पढ़ाई के लिए टाइम टेबल बना रखा था और उसी के अनुुसार पढ़ती थी। वह सुबह जल्दी उठकर पढ़ती थी। वह कभी अच्छे मार्क्स लाने के लिए, बल्कि ज्ञान हासिल करके के मकसद से पढ़ी। उसने पूरे साल मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया। माइंड रिफ्रेश करने के लिए कुछ देर के लिए टीवी जरूर देखती थी। आशा ने बताया कि वह यूपीएससी क्लीयर करना चाहती है।
मैकेनिक की बेटी सुनैना ने टॉप टेन में बनाई जगह
12वीं में कला संकाय में 492 अंक लेकर सुनैना जिले में टॉप टेन में रही। गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुशीला भवन में पढ़ने वाली सुनैना का लक्ष्य आईएएस बनना है। सुनैना ने बताया कि वह हर रोज 5 से 6 घंटे पढ़ती थी। लगातार पढ़ने के बाद रेस्ट करने के लिए मम्मी के साथ घर का काम करवाती थी। ज्यादातर पढ़ाई रात के समय करती थी। परीक्षा के दिनों पुराने प्रश्नपत्रों से भी तैयारी की। इस दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। पेपर के दौरान किसी तरह का स्ट्रेस नहीं लिया। हिसार की रहने वाली सुनैना ने बताया कि उसके पिता हरबंस सिंह मैकेनिक हैं और मम्मी बलबीर कौर हाउसवाइफ हैं।
पल्लवी ने कॉन्सेप्ट को किया क्लीयर
98.4 प्रतिशत अंक हासिल किए
गांव चमारखेड़ा निवासी व गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल चमारखेड़ा की छात्रा पल्लवी ने आर्ट्स संकाय में 98.4 प्रतिशत अंक लेकर जिले में 9वें स्थान पर रही। पल्लवी के पिता ओमप्रकाश किसान व मां कृष्णा देवी गृहिणी हैं। पल्लवी ने बताया कि उसे पढ़ाई करते समय कभी समय को ध्यान में नहीं रखा। उसका मकसद हमेशा कॉन्सेप्ट को क्लीयर करना रहा। वह प्रतिदिन टारगेट बनाकर चलती थी। टीचर्स ने जो नोट्स तैयार करवाए, उसी से तैयारी की। वह रात को देर तक पढ़ती थी। पल्लवी ने बताया कि वह आईएएस बनना चाहती है।
कारपेंटर की बेटी सुमन ने पाए 493 अंक
कला संकाय से 12वीं में 493 अंक हासिल करने वाली छात्रा सुमन का लक्ष्य आईएएस बनना है। उपासना सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा सुमन ने बताया कि हर रोज स्कूल से आने के बाद पहले होमवर्क करती थी। उसके बाद 7 से 8 घंटे पढ़ती थी। ज्यादातर रात को 12 बजे तक पढ़ती थी। पढ़ाई के दौरान रिलेक्स होने के लिए डिबेट देखती थी। कभी-कभी व्हाट्सएप का भी प्रयोग कर लेती थी। परीक्षा के दौरान कोरोना को लेकर भी टेंशन थी कि पेपर होंगे या नहीं। फिर परीक्षा के दिनों में दोहराया। नारनौंद की रहने वाली सुमन ने बताया कि उसके पापा प्रदीप कारपेंटर हैं और उसकी मम्मी मीना हाउस वाइफ हैं।
493 अंक हासिल किए अंकित ने
12वीं में आर्ट संकाय में 493 अंक हासिल करने वाले चमारखेड़ा निवासी छात्र अंकित का लक्ष्य टीचिंग लाइन में जाना है। गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र अंकित ने बताया कि 12वीं में क्लास शुरू होने के साथ ही रेगुलर पढ़ना शुरू कर दिया था। हर रोज प्रतिदिन 5 से 6 घंटे तक पढ़ता था। परीक्षा नजदीक होने पर पूरी रात पढ़ता था। परीक्षा की तैयारी के लिए टीचर ने नोट्स भी बनवाए थे, इसके अलावा सेल्फ स्टडी भी की। अंकित ने बताया कि उसके पापा राजकुमार राजमिस्त्री हैं और मम्मी बिमला देवी हाउस वाइफ हैं।
बच्चों का हौसला रखा मजबूत
हमने हमेशा बच्चों के हौसले को मजबूत बनाए रखा, उसे कमजोर नहीं होने दिया। अगर हौसला मजबूत हो तो आधी जंग तो यूं ही जीत ली जाती है। इसके अलावा कभी भी बच्चों को रट्टा मारने की आदत नहीं डाली, हमेशा समझ के साथ उन्हें पढ़ाया। उसके सभी बेसिक कॉन्सेप्ट क्लीयर करवाए। हमेशा टेक्स्ट बुक से पढ़ाया। बच्चों को ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिकल करवाया। अच्छे रिजल्ट में शिक्षकों व अभिभावकों को भी पूरा योगदान रहा।
- आरएस सिंधु, डायरेक्टर, होली चाइल्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हिसार
बढ़िया परिणाम में टीचर का काफी योगदान रहा। बच्चों ने खूब मेहनत की। साप्ताहिक टेस्ट लिए जाते थे। विभाग द्वारा भी समय-समय पर टेस्ट लिए जाते थेे। इसके अलावा बच्चों की अतिरिक्त क्लासेज भी लगाई गईं। इसे बच्चों को खूब मदद मिली। मैं सभी बच्चों, शिक्षकों व अभिभावकों को अच्छे परिणाम के लिए बधाई देती हूं।
- शर्मिला सिवाच, प्रिंसिपल, जीजीएसएसएस सुशीला भवन, हिसार
मोनिका को मिठाई खिलाते परिजन।- फोटो : Hisar
अंशु को मिठाई खिलाते परिजन।- फोटो : Hisar