डी प्लान के तहत कराए जाने वाले हर एक काम के लिए अतिरिक्त उपायुक्त ने एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर बिल पारित करने पर ब्रेक लगा दिया है।
जिले में डी प्लान के तहत 11 करोड़ रुपये से 272 कार्य कराए जाने हैं। अब तक एक भी काम का बिल पारित नहीं किया गया है। डी प्लान का बजट लैप्स होने में महज 51 दिन बचे हैं।
डी प्लान के तहत हिसार जिले के लिए 11 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया था। सीएम मनोहरलाल खट्टर की अध्यक्षता में यह बजट सभी खंड में वितरित किया गया था।
इसमें कुल 272 कार्य कराए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। डी प्लान के बजट को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक एक भी बिल मंजूर नहीं किया गया है।
डी प्लान के तहत इन 11 करोड़ का भुगतान 31 मार्च तक ही किया जा सकता है। इसके बाद इस बजट से किसी बिल का भुगतान नहीं हो सकेगा। यह रकम लैप्स हो जाएगी।
फिजिकल वेरीफिकेशन होगी
डी प्लान के तहत कराए गए हर कार्य की फिजिकल वेरीफिकेशन की जाएगी। इसके बाद ही बिल का भुगतान किया जाएगा। जांच के लिए हर एक उपमंडल स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी होगी, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल किए जाएंगे।
अगले वित्त वर्ष में कम कम बजट मिलने की आशंका
हिसारवासी वित्तमंत्री अपने एरिया का होने का फायदा लेना चाहते थे। इस कारण स्थानीय भाजपा नेताओं ने डी प्लान का 11 करोड़ का बजट जनवरी 2016 तक खर्च करने का प्लान तैयार किया था, जिसके बाद हिसार के लिए इस बजट की दूसरी किस्त मिलनी थी।
कुछ खास अधिकारियों की लापरवाही के कारण अब तक इस हेड में काम पूरे नहीं हो सके। दूसरी किस्त मिलना तो दूर अब तक पहली ग्रांट पूरी खर्च होने में ही संशय हो गया है। बजट लैप्स होने पर अगले साल पिछले साल की तुलना में कम बजट दिया जाता है। इस कारण जिले को डी प्लान में अगले वित्त वर्ष में भी कम बजट मिलने की आशंका है।
डी प्लान को लेकर हम गंभीरता से काम करना चाहते हैं। किसी भी गलत बिल का भुगतान न हो सके इसके लिए एसडीएम अपने अपने एरिया की फिजिकल वेरीफिकेशन की रिपोर्ट देंगे। इसके बाद बिलों का भुगतान किया जाएगा।
- विजय कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त, हिसार