हिसार। पश्चिमी विक्षोभ को गुजरते समय सक्रिय हुए तूफान बिपरजॉय से नमी मिली। इसके प्रभाव से शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। यही नहीं कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो इस तूफान के प्रभाव से 10 जून को सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ और असरदार साबित होगा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पूर्वी राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से शुक्रवार अल सुबह सिरसा, फतेहाबाद हिसार व भिवानी जिले में बूंदाबांदी हुई। हालांकि इसके बाद मौसम साफ व शुष्क बना रहा और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई। साथ ही उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ा। मगर, दोपहर बाद बादलवाही देखने को मिली। आगे बढ़ता हुआ पश्चिमी विक्षोभ जैसे ही दक्षिणी हिस्सों पर पहुंचा, जहां इसे अरब सागर में बने तूफान बिपरजॉय से पूरी मात्रा में नमी मिलने से भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी व चरखी दादरी में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियों को दर्ज किया गया। शुक्रवार को प्रदेश में अधिकतम तापमान 39.0 से 43.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.0 से 27.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
चक्रवातीय तूफान बिपरजाॅय ने रास्ता बदला लिया है, जिसकी वजह से गुजरात और पाकिस्तान पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है। अगर, यह तूफान इसी रास्ते पर रहा तो हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर भी इसका आंशिक प्रभाव देखने को मिलेगा। एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर 10 जून को सक्रिय होने से राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस दौरान अरब सागर से प्रचुर मात्रा में नमी मिलने की संभावना बन रही है। इससे हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में 10 से 13 जून के दौरान तेज हवाओं के साथ सीमित स्थानों हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बन रही है।
इतनी हुई बारिश
नारनौल, महेंद्रगढ़-15.0 एमएम
करनाल-5.0 एमएम
हिसार-0.8 एमएम
नोट-बारिश के ये आंकड़े शुक्रवार अल सुबह से शाम साढ़े 5 बजे तक के हैं-