अग्रोहा के खेड़ी बर्की गांव में प्लास्टिक और मिट्टी के कट्टे लगाकर किया गया मकान का बचाव।
अग्रोहा। पिछले दिनों हुई भारी बारिश ने सरसोद-बिचपड़ी और खेड़ी बर्की सहित कई गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के पानी ने हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करते हुए खेड़ी बर्की गांव में प्रवेश किया। इससे सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई हैं और किसानों की कपास, बाजरा, ज्वार समेत अन्य फसलें चौपट हो गईं।
किसान बलजीत सिंह के मुर्गी फार्म में भी पानी घुसने से भारी नुकसान हुआ। जलभराव के कारण कई घरों की दीवारें धंसने लगी हैं और अब मकानों में दरार आने का खतरा मंडरा रहा है। युवा क्लब के पूर्व प्रधान पीके मुंधनिया, मंजीत, सुमेर, राजेंद्र, बलजीत सिंह, जगबीर टाक और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पानी निकासी के लिए लगातार मोटर चलाई जा रही है। पहले से लगभग एक फुट तक पानी कम हो गया है, लेकिन गांव में अभी भी करीब दो फुट तक पानी जमा है।