नारनौंद उपमंडल के गांव मिल्कपुर के खेतों में शुक्रवार दोपहर को बिजली की तारों से निकली चिंगारी से 4 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। हालांकि काफी मशक्कत के बाद फायर बिग्रेड की गाड़ी ने आग पर काबू पाया। पीड़ित किसान ने मुआवजे की मांग की है।
गांव मिल्कपुर निवासी किसान सतीश अहलावत ने बताया कि वह दोपहर खेत में काम कर रहे थे। उनके खेत के पास से 33केवी और 11केवी की लाइन गुजर रही है। शुक्रवार दोपहर तेज हवा चलने की वजह से दोनों लाइनों के तार आपस में टकरा गए। जिसकी वजह से हुई स्पार्किंग हुई और चिंगारी ने खेत में खड़ी गेहूं की फसल को चपेट में ले लिया। चिंगारी ने पास में खेत में खड़ी गेहूं की फसल को चपेट में ले लिया। हवा तेज होने के कारण आग बहुत तेजी से फैल गई। खेत में आग लगने के सूचना मिलने पर गांव के लोग आग बुझाने के लिए खेत की तरफ दौड़े। कुछ किसानों ने तुरंत इसकी सूचना फोन पर दमकल व पुलिस को दी। ग्रामीणों ने स्प्रे पंप से पानी का छिड़काव कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। हालांकि कुछ देर बाद पहुंचे दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। किसान सतीश ने कहा कि उसकी छह महीने की मेहनत जलकर राख हो गई है और अब परिवार का पेट भरने के लिए उनके पास एक दाना भी नहीं बचा है। सरकार उनको मुआवजा दे, ताकि वह अपने परिवार का पेट भर सके।
बिजली की 33 केवी की लाइन से 11 केवी की लाइन से टच हो गई। इस कारण लाइन में स्पार्किंग हो गई। 33 केवी की लाइन मिर्चपुर पावर हाउस की लाइन थी, जिसको बंद करने के आदेश हमारे पास नहीं हैं।
-मनदीप कुंडू, एसडीओ नारनौंद।
क्षेत्र का पटवारी अपनी गिरदावरी रिपोर्ट बनाकर उनके पास भेजेगा। रिपोर्ट मिलते ही किसान की आर्थिक मदद के लिए भेज दिया जाएगा।
-अजीत सिंह, नायब तहसीलदार, नारनौंद।