एसपी स्पेशल और सीआईए स्टाफ ने उकलाना क्षेत्र में सुरेवाला मोड़ के पास मुठभेड़ के बाद रविवार देर रात को पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
ये बदमाश हिसार हवाई अड्डे पर बड़ी वारदात करने की फिराक में थे। आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में यह बात कबूली है।
बदमाशों ने पुलिस टीम पर तीन बार फायरिंग की और पुलिस ने भी जवाब में दो बार फायरिंग कर बदमाशों को पकड़ लिया।
रविवार रात करीब एक बजे पुलिस और बदमाशों में आमना-सामना हुआ। बदमाशों ने दो गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त कर दी। पुलिस की एक प्राइवेट गाड़ी को तो बदमाशों ने सामने से टक्कर मारी।
पकड़े गए आरोपियों में ललितखेड़ा निवासी अजय, कमासखेड़ा निवासी जितेंद्र व उसका चचेरा भाई सुखबीर, भूना के गांव जांडली निवासी नवदीप व पाबड़ा निवासी अमन उर्फ हैप्पी हैं। इनमें से अजय हाल ही में पैरोल पर आया हुआ था।
एसपी विकास धनखड़ ने बताया है कि सीआईए स्टाफ व एसपी स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास 8 अवैध पिस्टल व 48 कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस का कहना है आरोपियों पर लूट, डकैती व जानलेवा हमला करने के कई मामले दर्ज हैं। इन आरोपियों ने हाल ही में खेदड़ प्लांट के सामने से सेक्टर 13 निवासी प्रिंसिपल श्यामसुंदर की स्विफ्ट गाड़ी व 15 हजार रुपये की नकदी छीनी थी।
इसके अलावा आरोपियों ने टीचर की गाड़ी लूटने के लिए जिस रिट्ज गाड़ी का प्रयोग किया था, वह भी लूटी हुई थी। पुलिस ने पांचों आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है।
अजीत थुराना को मारना चाहते थे बदमाश
पुलिस का कहना है कि पांचों बदमाश कई वारदातों को अंजाम देना चाहते थे। इनमें से मुख्य वारदात अजीत थुराना को मारने की योजना थी।
पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में यह बताया है कि इनमें से आरोपी जितेंद्र भी अपने परिवार के पांच से अधिक लोगों की हत्या करना चाहता था।
आरोपियों ने इसके अलावा 3 सितंबर को पुराना बस अड्डा महम में एक व्यक्ति को गोली मारी थी। पुलिस ने इस मामले में जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज किया था।
6 सितंबर को मुंढाल निवासी हरिओम की रिट्ज कार आरोपियों ने लूटी थी। 22 सितंबर को खेदड़ प्लांट के सामने से टीचर की गाड़ी व रुपये लूटे, 26 सितंबर को आरोपी हैप्पी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पाबड़ा के चिराग को गोली मारी थी।
गोली चिराग को पांव पर लगी थी। 29 सितंबर की आधी रात को आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की और पुलिस की गाड़ी तोड़ दी।
जेल में हुई थी दोस्ती
पांचों आरोपियों की दोस्ती जेल में हुई थी। आरोपियों ने जेल से बाहर आकर वारदात को अंजाम देने का वायदा किया था।
जैसे ही सभी आरोपी बाहर आए उन्होंने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले लूट की वारदात की। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को वारदात करने के लिए व्हीकल की जरूरत थी। इसलिए उन्होंने लूट की वारदात को अंजाम दिया।
नूंह से लेकर आने थे हैंड ग्रेनेड
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी हिसार हवाई अड्डे पर बड़ी वारदात को अंजाम देना चाहते थे उससे पहले नूंह से हैंड ग्रेनेड लाने की योजना बना रहे थे।
सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने कबूला था कि वे नूंह से हैंड ग्रेनेड लेकर आने वाले थे।
आईजी को करेंगे फर्स्ट क्लास सर्टिफिकेट देने की सिफारिश
पुलिस अधीक्षक विकास धनखड़ ने कहा है कि इंस्पेक्टर मुकेश व सब इंस्पेक्टर प्रशांत ने बहादुरी का काम किया है। इनकी टीम को बधाई देता हूं।
उन्होंने रणधीर सिंह, रमेश गोदारा, राजकुमार भोला, देवेंद्र कुमार, विजय, मनोज, खेता सिंह की पूरी टीम को आईजी से फर्स्ट क्लास सर्टिफिकेट दिलवाने की सिफारिश करने की बात कही।
एसपी बोले, हैरान हूं जबरदस्त फिनिशिंग की हैं पिस्टल
एसपी विकास धनखड़ ने कहा है कि मैं ऐसे हथियार देखकर खुद हैरान हूं डबल बैरल की 315 बोर की राइफल इन युवकों के पास कहां से आई।
उन्होंने बताया कि उनके पास कुल आठ हथियार थे, जिसमें एक 315 बोर की राइफल व एक 12 बोर की। इसके अलावा 315 बोर के चार पिस्टल व 32 बोर का पिस्टल है। इनके साथ अलग-अलग 48 कारतूस थे।
राजस्थान के अलवर के पास से लेकर आए थे हथियार
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी राजस्थान के अलवर से हथियार लेकर आए थे। इनमें से एक जितेंद्र नाम के आरोपी ने तो अपना ट्रैक्टर 80 हजार रुपये की कीमत में बेचकर अवैध हथियार खरीदे थे।