लिफ्ट हादसे में जान जाने का जिले में यह पहला मामला नहीं है इससे पहले भी अलग अलग हादसों में 2 लोगों की जान जा चुकी है। एक हादसे में 8 सितम्बर 2019 में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में को लिफ्ट हादसे में भेरिया गांव निवासी 20 वर्षीय प्रवीन की जान चली गई थी। युवक तीसरी मंजिल पर वार्ड में भर्ती अपने पिता के लिए दवाई लेने जा रहा था। जब उसने लिफ्ट का बटन दबाया तो दरवाजा खुल गया। जैसे ही उसने अंदर कदम रखा वह धड़ाम से 45 फीट गहरे लिफ्ट के लिए बनाए गए गड्ढे में जा गिरा। इसके बाद ऊपर से लिफ्ट भी उसके ऊपर जा गिरी और उसे बुरी तरह कुचल गया।
दूसरे हादसे में 7 साल पहले पड़ाव एरिया में एक करियाना की होलसेल शॉप में ओपन लिफ्ट में सवार 65 साल के व्यक्ति ब्राहमानंद का सिर ऊपर टकरा गया। इससे उनकी मौत हाे गई थी। उनके सिर में गंभीर चोट लगने से मृत्यु हुई थी। मृतक के परिजनों और पार्टनर पवन कुमार ने बताया कि ब्राह्मानंद शनिवार शाम को टॉयलेट के लिए लिफ्ट से थर्ड फ्लोर पर जा रहे थे। जब वे ओपन लिफ्ट पर खड़े हुए तो लिफ्ट के ऊपर रखा सामान नीचे गिर गया। चलती हुई लिफ्ट में वे झुककर नीचे की तरफ देखने लगे तो अचानक दूसरी मंजिल का स्लैब उनके सिर से टकरा गया। शहर में ऐसी सैकडों कॉमर्शियल साइट पर ओपन लिफ्ट लगी हुई हैं। इन लिफ्ट को कवर नहीं किया गया है। जो पूरी तरह से अवैध है। नगर निगम ऐसे बिल्डिंग मालिकों पर कोई कार्रवाई तक नहीं कर रहा जबकि लोगों की जान जोखिम में है।