टायल कारोबारी दिनेश ठाकुर से आठ लोग 33 लाख रुपये लेकर गायब हो गए। घटना को फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया गया। कारोबारी दिनेश को 33 लाख के नए नोट के बदले पुराने 50 लाख रुपये के नोट मिलने थे। दिनेश को हिसार चौथा मिल के पास बुलाया गया। कारोबारी ने 33 लाख के नोट का बैग थमाया तो इसी बीच पुलिस वर्दी वालों की एंट्री हो गई। पुलिस वर्दी वाले 33 लाख के बैग सहित दूसरी पार्टी के लोगों को लेकर फरार हो गए।
रोहतक के प्रेमनगर टाइल कारोबारी दिनेश ठाकुर ने पुलिस को शिकायत देकर कहा कि रोहतक सेक्टर 14 निवासी उसके दोस्त प्रेम ने उसकी फोन पर महम के कुलदीप से जान-पहचान कराई थी। उसने पुरानी करेंसी के बदले नई करेंसी देने की बात कही। कुलदीप ने कहा कि आप 33 लाख रुपये की नई करेंसी ले आओ, जिसके बदले दूसरी पार्टी से 50 लाख रुपये की पुरानी करेंसी दिला देंगे। कारोबारी दिनेश ने कहा कि वह लालच में आ गया। 23 दिसंबर को कुलदीप, राहुल, प्रेम, तिजेंद्र और जयदीप के साथ 33 लाख रुपये की नई करेंसी एसेंट कार में रखकर सिरसा रोड पर चौथा मिल के नजदीक रिलायंस पेट्रोल पंप के पहुंचे। वहां आई 20 कार से तीन आदमी उतरकर हमारी गाड़ी के पास आये। तब कुलदीप ने उन तीनों लोगों से हाथ मिलाया। इन तीनों को 50 लाख रुपये देने के लिए कहा।
दिनेश, कुुलदीप ने 33 लाख रुपये बैग दूसरी गाड़ी में आई पार्टी को थमा दिया। दूसरी ओर से आया मुनीम 33 लाख का बैग गाड़ी में रखता है। मुनीम दूसरी गाड़ी से एक बैग लेकर आने लगता है इसी बीच तीसरी गाड़ी की इंट्री होती है। कुलदीप और उस पार्टी का मुनीम बैग लेकर रोड पार करने लगे थे कि वहां पहुुंची तीसरी सफेद रंग की गाड़ी में से छह आदमी उतरे। इसमें चार आदमी पुलिस की वर्दी में थे। दो आदमियों ने ट्रैक सूट पहन रखे थे। तीसरी गाड़ी में आए लोगों ने धमकाते हुए कुलदीप व मुनीम को अपने साथ बैठा लिया। कारोबारी दिनेश को वहां से भाग जाने के लिए कहा। फिर वे बैग सहित कार लेकर भाग गए।
दिनेश ठाकुर की शिकायत के आधार पर कुलदीप, मुनीम के अलावा आठ अनजान के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खनायत, नकली पुलिस की वर्दी सहित अन्य मामले में केस दर्ज किया है। शिकायत में यह 23 दिसंबर की घटना बताई गई है। इस मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं है।
- एसआई पवन कुमार, कार्यकारी प्रभारी, सदर थाना, हिसार
बडे़ सवाल
- नोटबंदी के समय कारोबारी दिनेश के पास कहां से आई 33 लाख की नई करेंसी, क्योंकि जहां आम आदमी दो हजार रुपये के नोट के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ रहा था, वहीं 33 लाख रुपये की नई करेंसी आने पर कई सवाल खड़े होते हैं। बैंकों की भूमिका भी सवालों के घेरे में हैं।
- पुलिस की वर्दी में आए लोग असली पुलिस वाले या नकली
- इतनी बड़ी ठगी के बावजूद शिकायतकर्ता ने 18 दिन बाद शिकायत क्यों दी
- इसमें हिसार के कौन बैंक अधिकारी मिले हुए थे
- दिनेश व कुलदीप दोनों रोहतक के रहने वाले तो करेंसी बदलने हिसार क्यों आए
- करेंसी बदलने वालों का हिसार से क्या कनेक्शन
- दूसरे बैग में 50 लाख की पुरानी करेंसी थी या खाली बैग था
- पूरा ड्रामा 33 लाख हड़पने के लिए तो नहीं था
- दर्जन भर नाके पार कर 33 लाख की पुरानी करेंसी रोहतक से हिसार कैसे पहुंची
करेंसी एक्सचेंज का सबसे बड़ा केस
पुरानी के बदले नई करेंसी एक्सचेंज का यह अब तक का सबसे बड़ा मामला है। अब तक करेंसी एक्सचेंज का कोई केस नहीं आया था। पुुलिस ने सूर्य नगर में 7 लाख रुपये की पुरानी करेंसी पकड़ी थी। सिरसा बाईपास पर नैनो कार में 11 लाख की करेंसी पकड़ी थी।
चार्टर्ड प्लेन से 11 करोड़ ले जाने का मामला ठंडे बस्ते में
एयरोड्रम से चार्टर्ड प्लेन में नागालैंड के दीमापुर में 11 करोड़ की पुरानी करेंसी के मामले में पुलिस जांच बंद है। पुलिस ने इस बारे में निजी एयरलाइंस कंपनी के मालिक और एक स्थानीय कारोबारी को नोटिस जारी किया था। बाद में पुलिस ने मौन साध लिया था। हिसार से दीमापुर तीन बार चार्टर्ड प्लेन भेजा गया था, जिसमें करीब 11 करोड़ रुपये भेजे जाने का खुलासा हुआ था। पुलिस ने किसी की ओर से शिकायत न होने का हवाला देते हुए जांच को बंद कर दिया।