डॉक्टर नरेश कुमार खन्ना का खाता साफ करने वाले गिरोह (सिम स्वैपिंग) का मास्टर माइंड सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। पुलिस विप्लव को जब कोलकाता लेकर पहुंची तो मास्टर माइंड मौके से फरार हो चुका है। हिसार पुलिस के पास सागर के साथी विप्लव के पकड़े जाने के बाद अलग-अलग राज्यों से पुलिस के फोन आ रहे हैं।
पुलिस का मानना है कि विप्लव के पकड़े जाने के बाद भी सागर ने अपना दूसरा साथी भेजकर रोहतक से डुप्लीकेट सिम निकलवाई होगी। रातों रात उन्होंने ऑनलाइन दूसरे खातों में रुपये ट्रांसफर करवा दिए। हालांकि सुबह पुलिस और डॉक्टर ने खाते सीज करवा दिए। इन खातों में थोड़ी बहुत पेमेंट बची है, लेकिन अधिकतर बड़ी राशि निकाली जा चुकी है। डॉक्टर को 7 लाख 80 हजार रुपये की चपत लग चुकी है। पुलिस रिमांड के बाद विप्लव को कोर्ट में रविवार को पेश करेगी।
दो और लोगों की आईडी पर डुप्लीकेट सिम निकलवा चुका विप्लव
पुलिस पूछताछ में उसने बताया है कि वह इससे पहले भी दो लोगों की फर्जी आईडी पर डुप्लीकेट सिम निकलवाकर दे चुका है। यानी यह तो तय है कि विप्लव ने इन दोनों लोगों के खातों से लाखों रुपये उड़ाने में मदद की है। विप्लव ने बताया कि उसकी उसे केवल पांच हजार रुपये कीमत मिलती है। इसके अलावा एयर टिकट, खाने-पीने व रहने का खर्च अलग है।
हर बार मिलता है नया फोन, फिर तोड़ देते हैं
पुलिस पूछताछ में उसने यह भी बताया कि डुप्लीकेट सिम निकलवाने के बाद उन्हें पहले से ही प्लानिंग के अनुसार नया मोबाइल फोन मिल जाता है। डुप्लीकेट सिम वे इसी नए फोन में डालते हैं। उधर से सागर उसके मोबाइल पर कॉल करता है। जो भी जानकारी मांगता है और ओटीपी मांगा जाता है, वह उसे फोन पर ही बता देता है। खाते से रुपये ट्रांसफर होने के बाद इस मोबाइल और सिम को तोड़ दिया जाता है।
पुलिस ने बताया है कि एक सप्ताह पहले जब विप्लव को आइडिया केयर वालों ने डॉक्टर की सूचना पर मौके पर बैठा लिया था तो उसके पास सागर का व्हाट्स एप पर मैसेज आया था। इसमें गाली का उपयोग करते हुए लिखा था अरे अभी तक सिम एक्टिवेट नहीं करवाया है क्या। फिर विप्लव ने लिखा, नहीं आया था केयर में, उन्होंने मुझे यहां पकड़कर बैठा लिया है।
डॉक्टर को खाते से रुपये निकलवाने को बोला था पुलिस ने
पुलिस ने डॉक्टर को पहली वारदात के साथ ही आगाह कर दिया था कि आप खाते से एक बार रुपये निकलवा लो। साथ ही मोबाइल नंबर जो खाते के साथ रजिस्टर्ड है, उसे भी बदलवा लो। जो भी सिक्योरिटी नंबर है, उन्हें भी बदल लिया जाए तो बेहतर होगा, लेकिन डॉक्टर ने इस पूरे मामले को हल्के में लिया। उन्होंने कहा कि अब नहीं होगा। जो करने वाला था, वो पकड़ा ही गया।
मास्टर माइंड सागर हाथ नहीं आया। वह पहले ही वहां से फरार हो चुका है। रोहतक से निकलवाई गई डुप्लीकेट सिम भी इसी गिरोह द्वारा निकलवाई हो सकती है। मामले की जांच की जा रही है।
- ललित दलाल, इंस्पेक्टर सिटी थाना