परिजनों से मिले सुराग के आधार पुलिस एडवोकेट सुभाष गुप्ता के हत्यारोपियों तक पहुंची। स्पेशल टास्क फोर्स ने परिवार के लोगों ने एक घंटे तक बातचीत की। जिसमें परिजनों ने बताया कि 20 दिन पहले समधी पवन बंसल के साथ विवाद हुआ था। इस एक सुराग ने पुलिस को हत्यारोपियों तक पहुंचा दिया।
एडवोकेट सुभाष गुप्ता के मर्डर के बाद पुलिस पर दबाव था। शहर में दिन दहाडे़ हुए इस मर्डर के बाद आईजी ओपी सिंह की एसटीएफ को लगाया गया था। इसके अलावा एसपी राजेंद्र कुमार मीणा से बातचीत कर छह टीमों का गठन किया। एसटीएफ की टीम ने चश्मदीद ड्राईवर लक्ष्मीनारायण के अलावा परिजनों से करीब एक घंटे तक बातचीत की। परिवार के लोगों ने बताया कि करीब 20 दिन पहले सुभाष गुप्ता के साथ उनके समधी पवन बंसल का विवाद हुआ था। जिसके बाद गुस्से में चले गए थे। पवन बंसल के क्रिमिनल बैक ग्राउंड की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने रात के समय ही रामपुरा मोहल्ला निवासी पवन बंसल को उठा लिया। पवन बंसल को इंटोरेगेट किया तो इस मामले का खुलासा हो गया। पवन बंसल ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि मैंने कारिंदों से गुप्ता का मर्डर कराया है। सुभाष गुप्ता को मारने के प्लान में कारिंदे मीरकां के नरेश को तैयार किया था। नरेश ने अन्य कारिंदों को रजामंद किया।
ऐसे अंजाम दिया मर्डर
सुभाष गुप्ता का मर्डर रेकी कर किया गया। प्लान के अनुसार नरेश कुमार बाइक पर सुबह करीब साढे़ 9 बजे कोर्ट परिसर में गया। उसने वहां रेकी कर यह पता लगाया कि एडवोकेट गुप्ता कोर्ट आये हैं। उसके बाद करीब एक बजे वह लौट आया। वह दोबारा ढाई बजे कोर्ट परिसर में पहुंचा। गेट के निकट से निगरानी शुरू कर दी। सुभाष गुप्ता कार में ड्राइवर के साथ साढ़े तीन बजे कोर्ट परिसर से निकले तो नरेश ने मोबाइल पर संपर्क कर सुनील को अलर्ट किया। उसके बाद उसने कार फव्वारा चौक पर पहुंची तो फिर सुनील को फोन कर तैयार हो जाने के लिए कहा। सुनील और अन्य जयदेव नगर की तरफ से मेन रोड पर पहुंच गए। वहां नरेश ने बाइक आगे अड़ाकर ब्रेक मारे तो ड्राइवर ने कार रोकी। तभी अन्य हमलावरों ने डंडों से कार के शीशे तोड़कर डंडों और खुखरी से गुप्ता पर वार कर दिया। मर्डर को पवन बंसल खुद अपनी आंखों से देखना चाहते थे। इस कारण पवन बंसल फोर्स गाड़ी में सवार होकर खुद पूरी घटना देख रहे थे। मर्डर के बाद सभी मौके से फरार हो गए।
छाती में दस सेंटीमीटर घुसा, ज्यादा खून बहनें से हुई मौत
सिविल अस्पताल में बुधवार सुबह डॉ. प्रेम सिंह अहलावत और डॉ. नीलिमा के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। चिकित्सकों ने बताया कि मृतक के सिर पर डंडे की चोट के तीन निशान, बाईं आंख और बाईं हंसली के नीचे तेज धारदार हथियार की चोट के दो निशान मिले हैं। तेज धारदार हथियार की मार हंसली के नीचे से आठ-दस सेंटीमीटर अंदर हार्ट के पास तक पहुंची। जिससे बायां फेफड़ा और खून की बड़ी नस कट गई। ज्यादा खून बहनें के चलते उनकी मौत हो गई।
सेक्टर 16-17 शमशान घाट में अंतिम संस्कार
एडवोकेट सुभाष गुप्ता का अंतिम संस्कार दोपहर करीब बारह बजे सेक्टर 16-17 के शमशान घाट में किया गया। अंतिम संस्कार में विधायक रणबीर गंगवा, पूर्व मंत्री सुभाष तायल, हरियाणा व्यापार मंडल अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग, इनेलो जिला अध्यक्ष राजेंद्र लितानी, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष केएल रिणवा, एडवोकेट पीके संधीर, जेएस मल्ही, ओपी कोहली, राजेश जाखड़, लाल बहादुर खोवाल, अमित सैनी, योगेश सिहाग, मनदीप बिश्नोई, महेंद्र गोयत, पीसी मित्तल, सुरेंद्र ढुल सहित बड़ी संख्या में एडवोकेट उपस्थित रहे।