तेरह वर्षीय नाबालिग लड़के के साथ सामूहिक कुकर्म करने और मोबाइल क्लिप बनाने के तीन दोषियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बशरुदीन की कोर्ट ने दस-दस वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार उकलाना थाना पुलिस ने 1 अगस्त 2014 को पीड़ित बालक के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में उसने बताया था कि उसका बेटा 20 जुलाई से लापता है।
इसके बाद गत 23 अगस्त को पुलिस को बयान दिए कि उसके पास उकलाना निवासी जसविंदर आया। जसविंदर ने मोबाइल फोन पर एमएमएस क्लिप दिखाई। जिसमें दीपक उर्फ दीपू उसके पुत्र के साथ कुकर्म कर रहा था। साथ ही बताया कि उसके पुत्र के साथ दीपू के अलावा उसने व गोरा और एक अन्य नाबालिग ने भी कुकर्म किया।
पुलिस को दी शिकायत में पिता ने बताया कि उक्त लोगों के डर के कारण ही उसका पुत्र लापता है और अभी तक नहीं मिला है। शिकायत के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
अदालत ने सोमवार को तीन आरोपियों को दोषी करार दिया था। बुधवार को अदालत ने तीनों आरोपियों को दस-दस साल की सजा सुनाई है। तीनों आरोपियों को पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक साल की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
नाबालिग के दावे पर सुनवाई 21 को
अदालत ने जिन तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। उनमें से एक ने नाबालिग होने का दावा करते हुए अदालत में याचिका दायर कर दी है।
अदालत ने उसे सजा भी सुनाई है। इस तीसरे आरोपी याचिका मंजूर कर ली है। अदालत उसकी याचिका पर 21 दिसंबर को सुनवाई करेगी।