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भ्रूण लिंग जांच मामले में टीम का छापा, अल्ट्रासाउंड मशीन सील, लैब संचालक काबू, 27 हजार रुपये बरामद

Thu, 28 Jul 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला , हिसार
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छापेमारी - फोटो : buraeau
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रोहतक और हिसार की स्वास्थ्य टीम के अधिकारियों ने बुधवार रात को अंबेडकर चौक के समीप जनता डायग्नोस्टिक लैब पर लिंग जांच मामले में छापा मारा। इस छापामार कार्रवाई में लैब के संचालक डॉ. एसएस मान को गिरफ्तार कर लिया है और भ्रूण लिंग जांच की एवज में ली गई 27 हजार की राशि भी बरामद कर ली। इस छापामार कार्रवाई को रोहतक के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह, हिसार के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. तेजपाल, रोहतक के डिप्टी सिविल सर्जन सत्यवान, हिसार से मेडिकल ऑफिसर अनिल आहूजा की टीम ने पुलिस बल के साथ छापामारी को अंजाम दिया। 
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डॉ. कुलदीप सिंह ने मीडिया को बताया कि उनके पास पिछले काफी समय से हांसी और हिसार के आसपास के क्षेत्रों से लिंग भ्रूण जांच की शिकायत मिल रही थी। इसके चलते उन्होंने एक महिला एजेंट को इसके बारे में पता करने को कहा था। महिला एजेंट ने आगे कार्रवाई को अंजाम देने के लिए अपनी एक दलाल से लिंग जांच करवाने की बात कही। इसके बाद दलाल और महिला महम से बस में सवार होकर अपनी भांजी का भ्रूण लिंग जांच करवाने हांसी आई। हांसी में काली देवी चौक पर उतरने के बाद वह तोशाम चुंगी स्थित एक निजी अस्पताल में गई, जहां उन्होंने अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए जनता डायग्नोस्टिक लैब में रेफर कर दिया। इस दौरान रोहतक और हिसार स्वास्थ्य विभाग की टीम उनका पीछा कर रही थी। 
उन्होंने बताया कि लैब में पहुंचने के बाद दलाल ने काउंटर पर 600 रुपये की पर्ची कटवाई।

इसके बाद वह पर्ची कटवाने के बाद अंदर चिकित्सक से मिलने गई, जहां उन्होंने डॉक्टर एसएस मान को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 27 हजार रुपये काले बैग में दिए। नकदी लेने के बाद उन्होंने महिला का अल्ट्रासाउंड कर दिया, जिसमें उन्होंने उसे बताया कि यह लड़का है। इसके बाद एजेंट महिला के इशारा करने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर अंदर घुसकर छापा मार दिया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने काफी देर तक अंदर पैसों की खोजबीन की और अल्ट्रासाउंड मशीन को अपने कब्जे में ले लिया। कुछ देर बाद स्वास्थ्य विभाग को अंदर से पैसे मिल गए। इसके बाद डॉ. एसएस मान को पुलिस गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। 
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    डॉ. कुलदीप ने बताया कि खास बात यह है कि डॉ. एसएस मान के पास रेडियोलॉजिस्ट की डिग्री ही नहीं है, जिसके चलते उनके पास किसी महिला का अल्ट्रासाउंड करने का कानूनी तौर पर कोई अधिकार नहीं है, लेकिन इसके बावजूद इन्होंने यह क्राइम किया है। इसके बाद टीम ने लैब को पूरी तरह सील कर दिया।
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