हिसार के बिठमड़ा गांव के पास कलौदा मार्ग पर रजवाहा के पास डेरे में रहने वाले साधु विकाश गिरी की तीन युवकों ने हत्या की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद साधु के शव को नहर में फेंका था ताकि किसी को पता न चले। घटना के 4 महीनें बाद हत्या की वारदात का खुलासा हुआ। पुलिस ने बिठमड़ा गांव के बलजीत, सोनू और कश्मीर के खिलाफ हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज किया है।
पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार
पुलिस को दी गई शिकायत में सिपाही जगमोहन ने बताया कि वे उकलाना क्षेत्र में सुरक्षा एजेंट के पद पर कार्यरत है। जांच में सामने आया कि बिठमडा गांव के पास कलौदा मार्ग पर रजवाहा के पास छह महीने से नाथु नाथ की जोहड़ी पर एक डेरा बनाकर साधु विकास गिरी रहता था। 13 मार्च की रात को बिठमडा गांव का बलजीत , सोनू और कश्मीर जोहड़ के पास बैठ कर शराब पी रहे थे।
शव को खुर्द बुर्द करने का केस दर्ज
साधु विकास गिरी ने युवकों को शराब पीने से रोका तो गुस्सें में आकर तीनों ने लाठी से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। किसी को पता न चले इसलिए तीनों ने साधु के शव को बाइक पर रखा और नहर में फेंक दिया। बाद में मौके से फरार हो गए। गहन जांच के बाद साधु की मौत का खुलासा हुआ। पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या और शव को खुर्द बुर्द करने का केस दर्ज किया है।