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शराब के नशे में करते लूट, फिर वादियों में करते अय्याशी

Fri, 13 May 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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शराब के नशे में करते थे वारदात, लूट के बाद वादियों में करते थे ऐश - फोटो : bureau
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आईजी की एसटीएफ द्वारा पकड़े गए दिल्ली के कुख्यात नवीन खाती गैंग के गुर्गे मितराऊं गांव के साजन उर्फ लाला और प्रवीण उर्फ बब्बू ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं। दोनों ने पूछताछ में बताया कि हम शराब के बेहद शौकीन हैं और नशे में वारदातों को अंजाम देते थे।
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फिर शिमला, मनाली या अन्य पिकनिक स्पॉट पर जाकर अय्याशी करते थे। हम वारदात करने में जरा न हिचकते थे। वे वारदात के बाद रुपये का जुगाड़ होने पर पिकनिक स्पॉट पर जाते थे। वे वहां किसी होटल में रूम बुक कराकर कॉल गर्ल बुलाकर अय्याशी करते थे। जेब खाली होने पर लौट आते और फिर दूसरी वारदात करने का प्लान बना डालते थे।

हिसार के दो होटलों में रुककर बुुलाई कॉल गर्ल
पुलिस के अनुसार यहां के तीन ठेकों पर लूटपाट की वारदातों के दौरान साजन और प्रवीण हिसार के दो होटलों में साथियों के साथ रुके थे। वे रूम बुक कराकर दो दिन रहे थे। होटल संचालक ने ही मोटे रुपये लेकर उन्हें कॉल गर्ल मुहैया कराई थी। आरोपियों ने होटलों में शराब पीकर खूब गुलछर्रे उड़ाए थे।
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फरार होने में भी कॉल गर्ल का लेते हैं सहारा
दोनों ने बताया कि हम वारदात करने के लिए जिस शहर में जाते हैं। वहां होटल में कॉल गर्ल बुला लेते हैं। वारदात करने के बाद कॉल गर्ल को साथ लेकर कार में फरार हो जाते रहे हैं। कार में महिला होने पर पुलिस नाकों से वे आसानी से निकल जाते हैं।

पुलिस कर्मी महिला गाड़ी में देखकर उन पर शक नहीं करते और वे कॉल गर्ल के सहारे फरार हो जाते रहे हैं। इस तरह से वे कॉल गर्ल के जरिये पुलिस कर्मियों की आंखों में धूल झोंककर वारदात स्थल से निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाते हैं।

नवीन खाती और रवींद्र भोलू गुट में चलता रहता है गैंगवार
दिल्ली और एनसीआर में नवीन खाती और रवींद्र भोलू गैंग का दबदबा है। इन दोनों गैंगों के गुर्गे एक-दूसरे की जान के प्यासे रहते हैं। वे मौका मिलने पर दूसरे गैंग के गुर्गे की हत्या कर देते हैं। पुलिस के अनुसार नवीन गैंग के गुर्गों ने दूसरे गैंग के दो गुर्गों की जिंदा जलाकर हत्या कर दी थी।

भोलू गैंग के सदस्यों ने इसका बदला लेते हुए नवीन गैंग के चार गुर्गों की हत्या की थी। दोनों गैंगों में गैंगवार होता रहता है। इन गैंगों के बड़े गुर्गे सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग नहीं लेते और वे पूरी एहतियात बरतते हैं। मगर फिर भी उनमें कई बार गैंगवार हो चुका है। गुर्गे भूमिगत रहते हैं और दुश्मन सामने आने पर उसे ठिकाने लगाने में देर नहीं लगाते।

शहर का लोकल बंदा रखते हैं साथ
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि नवीन गैंग के गुर्गे जिस शहर में वारदात करते हैं। वहां का लोकल बंदा भी साथ रखते हैं। हिसार में गांव कुलाना, मिर्जापुर और तलवंडी राणा के देसी शराब के ठेकों पर लूटपाट के मामले में भी ऐसा ही किया था।

उन्होंने हांसी की ढाणी कुतुबपुर के जयपाल गुर्जर को साथ लेकर इन ठेकों पर लूटपाट की और फरार हो गए थे। जयपाल गुर्गे प्रवीण का रिश्तेदारी में नाना लगता है। उन्होंने बताया कि हम लोकल बंदा इसलिए साथ रखते हैं कि वारदात के बाद वह फरार होने के लिए सुरक्षित रास्ते बता सके। इस तरह हम फरार हो जाते रहे हैं।
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