हिसार-सिरसा के बीच ट्रेन में मंगलवार शाम 13 साल की एक नाबालिग लड़की ने बच्चे को जन्म दिया। बाद में पिता ने लड़की और उसके नवजात बच्चे को यहां सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। पहले मामला थाने तक नहीं पहुंचा था।
अब पुलिस ने इसकी गहराई से जांच शुरू कर दी है। नाबालिग लड़की का आरोप है कि नूंह के गांव में एक युवती की मदद से एक युवक ने उसके साथ रेप किया था।
नूंह के एक गांव का बुजुर्ग का परिवार इन दिनों सिरसा एरिया में कपास की कटाई की मजदूरी करने आया हुआ है। परिवार की 13 साल की एक लड़की ने मंगलवार को परिजनों को बताया कि उसके पेट में जोर से दर्द हो रहा है।
इस पर उसका पिता लड़की को अपने गांव ले जाने के लिए चल पड़ा। बाप-बेटी सिरसा से ट्रेन में सवा दो बजे सवार हुए थे। भट्टू के पास किशोरी को प्रसव पीड़ा होने लगी। किशोरी ने आदमपुर के पास एक लड़के को जन्म दिया।
महिलाओं ने कराई डिलीवरी
किशोरी के दर्द से कराहने के चलते उसे ट्रेन में टॉयलेट के पास ले जाया गया और वहां से सवारियां हटाकर चादरें या कपड़े बांधकर महिलाओं ने डिलीवरी कराने का प्रयास शुरू किया। उस हिस्से से अन्य सवारियों को आगे भेजा गया। काफी देर बाद किशोरी ने लड़के को जन्म दिया। हिसार स्टेशन आने तक महिलाओं ने किशोरी और उसके नवजात बच्चे को संभाला।
बच्चा नहीं रखना चाहते बाप-बेटी
यहां रेलवे स्टेशन पर पिता ने बेटी और उसके नवजात बच्चे को बड़ी मुश्किल से ट्रेन से उतारा और फिर उन्हें वहां एक तरफ ले जाया गया। सिविल अस्पताल में फोन करने पर कुछ देर बाद वहां एक एंबुलेंस पहुंची।
उसके बाद देर शाम बाप-बेटी और नवजात बच्चे को सिविल अस्पताल में ले जाया गया और जच्चा-बच्चा को वार्ड में दाखिल कराया गया। वार्ड के स्टाफ ने बताया कि जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। बाप-बेटी का कहना है कि वे बच्चे को रखना नहीं चाहते। बच्चा किसी को गोद देना चाहते हैं।
दुष्कर्मी का नाम नहीं बता सकी किशोरी
किशोरी ने पूछने पर बताया कि साढे़ नौ माह पहले नूंह के उसके गांव में एक लड़के ने पड़ोसी युवती की मदद से उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए थे। युवती पानी भरने का बहाना बनाकर उसे साथ जंगल के पास नल पर ले गई थी।
वहां युवती लघुशंका का बहाना बनाकर दूर चली गई थी। तभी वह युवक पीछे से मुंह दबोचकर उसे झाड़ियों में ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। उसे वहां ले जाने वाली युवती उस युवक को जानती है।
उसके बाद गर्भ ठहरने पर उसने मां को आपबीती बताई थी, लेकिन उसने लोकलाज का भय दिखाकर उसे चुप करा दिया था। किशोरी के पिता का कहना है कि उसे इस बारे में नहीं पता था, बच्ची कम उम्र की है और सेहतमंद है। इसलिए उसे अहसास नहीं हुआ और न पत्नी ने उसे बताया। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
भिवानी में भी दो नाबालिग दे चुकीं बच्चों को जन्म
भिवानी। रेप पीड़ित नाबालिग द्वारा बच्चियों को जन्म देने की दो घटनाएं भिवानी में हुई हैं। छह दिन के अंतराल पर इस तरह के दो मामले सामने आए हैं। पहले मामले में 20 अक्तूबर की रात करीब नौ बजे एक गर्भवती किशोरी को सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
किशोरी ने रात को ही एक बच्ची को जन्म दिया। शुक्रवार सुबह बच्ची की हालत बिगड़ गई। वह दूध नहीं पी रही थी और दस्त की भी शिकायत थी। इसके बाद बच्ची को अस्पताल के नीकू वार्ड में भर्ती करवाया गया। किशोरी के अनुसार उसी के गांव के युवक ने उससे दुराचार किया।
दूसरे मामले में 25 अक्तूबर को टीआईटी कॉलोनी क्षेत्र की एक प्रवासी मजदूर की करीब साढ़े 14 वर्षीय बच्ची ने एक बेटी को जन्म दिया। इस साल के आरंभ में दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया था। किशोरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसी की कॉलोनी में कोचिंग लेने आए किशोर ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले का पता बच्ची के गर्भवती होने के बाद पता लगा। करीब दो माह पहले बच्ची को गंभीर हालत के चलते सामान्य अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड के एक अलग कमरे में रखा गया।
बच्ची को इस हालत के कारण पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी। माता-पिता के अलावा बड़ी बहन पीड़ित बच्ची की देखभाल में जुटी थी। मंगलवार दोपहर को अधिक तकलीफ होने पर सीजेरियन ऑपरेशन किया गया।