पेंशन की पशोपेश से नाराज होकर बुधवार को बेरी के गांव चिमनी में बुजुर्गों ने अपना आक्रोष जताते हुए गांव के डाकघर में ताला जड़ दिया। रोष जताने वालों में गांव की बुजुर्ग महिलाएं भी काफी संख्या में शामिल रहीं। वहीं बुजुर्गों की नाराजगी को देखते हुए डाकघर कर्मचारी भी अपनी ड्यूटी पर नहीं आए। बता दें कि आलम यह रहा कि दोपहर बाद तक न तो डाकघर कर्मचारी और न ही जिला प्रशासन का अधिकारी न कोई पहुंचा कि बुजुर्गों को समझा-बुझाकर डाकघर पर जड़ा गया ताला खुलवाया जा सके। वहीं दूसरे कामों से आए लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद जब सरपंच और विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया तब जाकर नाराज बुजुर्गों ने ताला खोला।
बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि सरकार ने उनकी बुढ़ापा पेंशन दिए जाने के लिए उनके बैंक व डाकघर में खाते तो खुलवा दिए, लेकिन उन्हें इस पेंशन को पाने के लिए आज भी अनेक समस्याओं से जूझना पड़ता है। महिलाओं को कहना था कि उन्हें पिछले काफी समय से पेंशन नहीं मिल पा रही है। वह अधिकारियों से इस बारे मेें पूछते है तो उनका जवाब यह होता है कि उनकी पेंशन उनके खाते में डाल दी गई है। लेकिन जब वह डाकघर आकर अपनी पेंशन के बारे में पता करते है तो यहां भी जवाब उन्हें संतोषजनक नहीं मिलता। बुजुर्ग ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि वह पिछले कई रोज से डाकघर के चक्कर काट रहे है। लेकिन उन्हें न तो पेंशन ही दी जा रही है और न ही उनकी परेशानी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। तंग होकर ही उन्हें डाकघर क मुख्य गेट पर ताला लगाना पड़ा है।
बुजुर्गों का यह भी कहना था कि जब तक उनकी परेशानी को दूर नहीं किया जाता तब तक वह डाकघर पर जड़ा गया ताला नहीं खोलेंगे। बुजुर्ग नंबरदार जोरा सिंह ने बताया कि गांव में बुजुर्गों को पेंशन के लिए पिछले कई माह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव चिमनी में जो डाकघर में स्टाफ भी बुजुर्गों से दुर्व्यहार करता है और अपने जान-पहचान वालों को चंद मिनटों में पेंशन दे दी जाती है। आम आदमी को कई दिनों तक डाकघर के चक्कर काटने के बाद भी पेंशन नही मिलती है और कई बार अधिकारियों को चेताने के बाद भी कोई समस्या का समाधान नही हो रहा है। बुधवार को परेशान बुजुर्गों इकठ्ठे होकर डाकघर पर पहुंचे और ताला जड़ दिया गया है। बुजुर्गों महिला ओमपति ने बताया कि बुढ़ापा पेंशन लेने के लिए हर महीने डाकघर के कई चक्कर काटने पड़ते हैं और कई बार तो सारा दिन बैठ कर निराश होकर चले जाते है और पिछले माह की पेंशन अब तक नहीं मिली है।
गांव चिमनी में बुजुर्गों की पेंशन समय पर न बंटने व अन्य शिकायतों का मामला संज्ञान में आया था और बुधवार को बुजुर्गों ने आक्रोश में आकर डाकघर पर ताला जड़ दिया गया था और बाद में गांव के सरपंच से बातचीत की गई थी और ताला खुलवा दिया गया था वीरवार से गांव में रूटीन से बुजुर्गों की पेंशन दी जाएगी और बुजुर्गों को किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
अजय कथूरिया, इंस्पेक्टर रोहतक डाकघर