सुसाइड नोट में लिखा है कि जब मैंने राधे कृष्णा पंप लगाया था उस समय मंदीप मलिक ने बैंक में खाता खोला था। जो सेविंग अकाउंट था। उसके बाद मंदीप ने खाते की चेक बुक जारी करवाई। मैंने बैंक में लिखा कर दिया और मेरे नाम से चेक बुक आ गई। मंदीप ने चेक बुक से तीन चेक ले लिए जिन पर मेरे हस्ताक्षर थे। जो चेक उसने लिए उसका सारा हिसाब कर दिया। उसने कहा कि अभी मेरे पास आपके तीन ब्लैंक चेक रखे हैं।
मंदीप पर लगाए हैं आरोप
या तो आप मेरे को इस धरती पर न दिखो नहीं तो मैं आपको इन चेकों द्वारा किसी और आदमी को देकर कोर्ट के हिसाब से पैसे लेकर रहूंगा। जब मैंने उसका हिसाब 4 जून 2021 को 4 लाख रुपये देकर दिया था वह हिस्सा मेरी बहन ने ले लिया था। जिसमें उनके साइन व फोन नंबर लिखे है। मंदीप ने किसी आदमी को फोन करके कहा कि मैं यह चेक लगा रहा हूं। आप ने साथ आना है तो मैं आपको हिस्सा दे दूंगा। उसने चेक किसी और को देकर बाउंस करवा दिया। मेरे पास समन भिजवा दिया। मेरे ऊपर दबाव बना रहा है कि अभी तक मैंने और रुपये लेने है।
मेरी मौत के जिम्मेवार मंदीप
जब तक जिंदा रहोगे तब तक मैं आपका पीछा छोड़ने वाला नहीं। शुुरुआत में तीन लाख रुपये दिए उसके बाद जो भी सप्लाई आई पैसे नहीं दिए। जब भी उसका मन करता पूंजी निकाल लेता। उसका काम था डरा धमका के रुपये निकालना। 2012 से लेकर आज तक 20 से 25 लाख रुपये पंप से निकाल चुका है। अब मैं मंदीप मलिक के डर से आत्महत्या कर रहा हूं व जयेश बंगा जिम्मेवार है। मंदीप मलिक भाजपा का नेता है। वह कहता है जो मैं बोलता हूं वहीं होता है यहीं हमारी कमाई है। हमारी गाड़ी व झंडी से ही काम बनते है। आपके सारे परिवार को उठा लेंगे। अत्यंत दुखी होकर यह कदम उठाया है। मेरा परिवार मेरे साथ नहीं था। इसलिए मंदीप को मौका मिल गया ।जिसकी वजह से जीवन लीला खत्म कर रहा हूं। मेरी मौत के जिम्मेवार यही है।
मृतक रोशन लाल के बेटे महेश की शिकायत पर मंदीप मलिक और जयेश बंगा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। -ओमप्रकाश, जांच अधिकारी सदर थाना फतेहाबाद।
मंदीप मलिक के अनुसार
रोशनलाल 2007 से 2021 तक मेरे पंप पर मैनेजर था। बाद में हम दोनों ने हिस्सेदारी में रामायण पेट्रोल पंप लगाया था। करीब दो साल पहले मैंने अपना हिस्सा निकाल लिया था। उसके बाद मेरा उसके साथ कोई संपर्क नहीं है। न ही मैने उस पर कोई केस डाला हुआ है। उसने भी मुझ पर कोई केस नहीं किया हुआ है। मुझे नहीं पता किस कारण मेरा नाम लिखा है। -मनदीप मलिक , हिसार।