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पुलिस को मिली रिकॉर्डिंग्स, व्हाट्स एप डाटा

Thu, 19 Nov 2015 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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एचटेट का पेपर लीक करने के लिए सोशल मीडिया व्हाट्स एप का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया गया। मुख्य आरोपियों ने इस दौरान मोबाइल कॉल का बहुत सीमित प्रयोग किया।
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पुलिस ने आरोपियों की फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग्स और व्हाट्स एप पर भेजी गई आंसर की का डाटा कलेक्ट कर लिया है।
पुलिस महानिरीक्षक अनिल राव ने बताया कि रिकॉर्डिंग में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आये हैं। पुलिस अब इन सुबूतों के माध्यम से इस मामले का जल्द पटाक्षेप करेगी।
आंसर की और फोन कॉल की डिटेल से पुलिस को कई अन्य महत्वपूर्ण सुबूत हासिल हुए हैं। इनसे पुलिस तफ्तीश आगे बढ़ने और मामले से जुड़ी कड़ी सामने आने में सहायता होगी।
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उन्होंने बताया कि इस केस में बुधवार को एक अन्य व्यक्ति सचिन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अभी तक 10 लोगों की जानकारी हासिल कर चुकी है।

इसमें दिल्ली निवासी रवि, झज्जर के गांव बिठला निवासी देवेंद्र, झज्जर के ही गांव बेरी निवासी मुनीत उर्फ मनजीत, उचाना निवासी संदीप श्योकंद, सोनीपत निवासी राजेश खासा, नरवाना निवासी रघुबीर, अमित, संजीत, दिल्ली के लाडनपुर निवासी सचिन डब्बास और विकास शामिल हैं।
आईजी ने कहा कि मुख्य आरोपी सोनीपत के फतेहपुर क्षेत्र निवासी प्रवीन दहिया और दुर्जनपुर निवासी अमित शर्मा को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
पुलिस को पकड़े गए आरोपियों से उनके इस गैरकानूनी नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम भी उजागर हुए हैं। पुलिस उन आरोपियों के शामिल होने की जांच कर रही है।
दिल्ली से चल रहा था प्लान
एचटेट आंसर की को लीक करने का सारा प्लान दिल्ली से चल रहा था। आईजी अनिल राव ने बताया कि इस नेटवर्क में अभी तक मुख्य आरोपी रवि और प्रवीन दहिया हैं।

रवि की प्रवीन से दिल्ली में ही मुलाकात हुई थी और प्रवीन ने रवि को पेपर की आंसर-की हासिल करने के लिए तीन लाख रुपये कीमत तय की।

इसमें प्रवीन ने रवि को मोबाइल पर व्हाट्स एप के जरिए आंसर-की भेजना तय हुआ। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह आंसर की उनके पास पेपर शुरू होने से करीब एक घंटा पहले पहुंच गई थी।


आरोपियों ने पूछताछ में इस बात को भी बताया है कि रवि ने प्रवीन से आंसर की लेने के बाद उसे आगे 15 लोगों को फॉरवर्ड किया और उनसे इसके बदले प्रत्येक व्यक्ति से एक-एक लाख रुपये लेना तय किया था। आरोपियों में सोनीपत में एक कोचिंग सेंटर संचालक राजेश खासा भी है, जिसने इस केस के मुख्य आरोपी प्रवीन से संपर्क किया हुआ था।
एसआईटी कर रही जांच
आईजी ने बताया कि इस केस में एसआईटी का गठन किया हुआ है। इसमें जींद जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल, फोरेंस्कि साइंस एक्सपर्ट डॉ. अजय कुमार, पुलिस उप अधीक्षक दिनेश यादव, इंस्पेक्टर जीत सिंह बैनीवाल, रेंज के साइबर सेल इंचार्ज एएसआई गुनपाल, जींद की सीआईए टीम इंचार्ज रविंद्र, इंस्पेक्टर तेजबीर सिंह व सब इंस्पेक्टर ओम प्रकाश शामिल हैं।
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