आईजी श्रीकांत जाधव के आते ही अपराधियों और जिला पुलिस में हड़कंप मच गया। शाम होते ही आईजी खुद सिविल व सिटी एरिया में चेकिंग अभियान पर निकले।
स्टाफ को निर्देश दिए कि वे शहर भर के अहातों की चेकिंग करे। रोड पर शराब पीकर घूमने वाले करीब 15 लोगों को पुलिस टीम ने रात को ही पकड़कर हवालात में डाल दिया।
चेकिंग की सूचना मिलते ही शहरभर के शराब कारोबारियों और अहाता संचालकों में हड़कंप मच गया।
सुबह करीब 11 बजे आईजी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आते ही कार्यालय के अधिकारियों की मीटिंग ली। दोपहर बाद उन्होंने रेंज के अधिकारियों की जीओ मेस में मीटिंग ली।
मीटिंग के तुरंत बाद ही उन्होंने खुला दरबार लगाया। खुले दरबार में पुलिस कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और उनका समाधान किया।
बिना सूचना के छापामारी, खुफिया तंत्र भी फेल
पुलिस का खुफिया तंत्र भी आईजी की छापामारी से अनजान रहा। पूरी कार्रवाई तक खुफिया तंत्र को पता तक नहीं चला। जैसे ही उन्हें आईजी के छापेमारी का पता चला तो तंत्र हरकत में आया।
आईटीआई चौक के अहाते का मांगा लाइसेंस
आईजी ने आईटीआई चौक, कैंप चौक अहाते पर पहुंचकर लाइसेंस मांगा। हालांकि वैध अहातों पर सभी के पास लाइसेंस मिले।
होटलों की भी हुई चेकिंग
रात को आईजी करीब दस बजे तक होटलों की भी चेकिंग करते रहे। पूरे पुलिस महकमे में आईजी के आने से हड़कंप मच गया। बिना किसी सूचना वे जहां रुख हुआ, वहीं होटल, शराब ठेके और अहाते चेक करने निकल गए।