बीटेक के स्टूडेंट आकाश सहरावत की हत्या के आरोपी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को 75 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। आकाश की वर्ष 2013 में वाईएमसीए फरीदाबाद में उसके सहपाठी ने हत्या कर दी थी।
फरीदाबाद के सेशन जज इंद्रजीत मेहता की अदालत ने आकाश सहरावत के हत्यारोपी विशाल को दोषी करार दिया। दोषी विशाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आरोपी को 75 हजार का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। आकाश सहरावत के पिता एचएयू के प्रोफेसर डॉ. प्रदीप सराहवत ने बताया कि वह अदालत का फैसले का सम्मान करते हैं। उनके बेटे के हत्यारे को फांसी की सजा होनी चाहिए थी।
उन्होंने बताया कि आकाश सहरावत ने वाईएमसीए में बीटेक सेकेंड इयर का स्टूडेंट था। आठ मार्च 2013 को वह हिसार से फरीदाबाद गया था।
वहां हॉस्टल में उसके सहपाठी विशाल ने आकाश की स्लाइस में नशीला पदार्थ डाल दिया। इसके बाद विशाल ने आकाश के सिर पर राडॅ मारी। फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
परिजनों ने शक के आधार पर कुछ लोगों के नाम दिए थे, जिसमें पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया था। बाद में तीन को रिहा कर दिया गया। मामले में शुक्रवार को सेशन जज इंद्रजीत की अदालत ने विशाल को सजा सुनाई।
पीएस सहरावत ने बताया कि उनका बेटा बेहद होनहार स्टूडेंट था। उसने ऑल इंडिया लेवल पर इंजीनियरिंग में बेहतर रैंकिंग हासिल की थी। वह इंजीनियरिंग में जर्मनी से पीजी के लिए प्रपोजल तैयार कर रहा था। जर्मनी के एक कॉलेज से संपर्क भी कर चुका था।