बदमाश चाहें कितने भी शातिर हों मगर पुलिस अगर अपनी पर आ जाए तो उनकी सब प्लानिंग धरी रह जाती है। गांव मिंगनी खेड़ा में इसी तरह का एक अजीब मामला सामने आया है। गांव के एक व्यक्ति ने अपने भाई का स्विफ्ट गाड़ी सहित गांव के बस स्टैंड से अपहरण का हिसार सदर थाना में केस दर्ज करवा दिया मगर कैथल में ‘अपहृत’ पवन साढ़े छह लाख की ठगी करते पकड़ा गया। हैरानी की बात है कि वह इस ठगी में अकेला नहीं बल्कि उसके साथ इस मामले में पूरा गिरोह शामिल है। तांत्रिक विद्या से वह नोट दोगुने करने का झांसा देकर लोगों से रुपये ठगते थे। पुलिस ने फिलहाल चार लोगों को पकड़ा है। पांचवां आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने राजौंद थाने में पांचों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मामले के अनुसार गांव किठाना निवासी राजबीर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके साथ पांच लोगों ने तांत्रिक विद्या से नोट दोगुने करने का झांसा देते हुए करीब साढ़े छह लाख रुपये की ठगी कर ली है। ये सभी व्यक्ति उससे पहले दो लाख रुपये लेकर गए, जिन्हें दोगुने करने का आश्वासन दिया। इसके बाद चार लाख रुपये लेकर गए। जिनमें से एक कपड़े में दबाकर ढाई लाख रुपये दे दिए। उसे कहा कि इन रुपयों को घर जाकर 21 दिन बाद गिनना। यदि बीच में गिन लिए तो सब राख हो जाएगा। जब उसने पैसे संभाले तो ये ढाई लाख रुपये निकले। इसके अलावा एक बार इसी तरह से 72 हजार रुपये उससे ले गए।
राजबीर सिंह ने शिकायत में बताया कि ये युवक उससे करीब साढ़े छह लाख रुपये की ठगी कर ले गए। पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
थाना राजौंद प्रभारी करतार सिंह ने बताया कि राजबीर की शिकायत पर जांच करते हुए पुलिस ने जींद के गांव गांगोली निवासी कप्तान सिंह, रोहताश सिंह, गांव कैलरम निवासी कुलदीप सिंह एवं हिसार के मिंगणी खेड़ा निवासी पवन कुमार को काबू कर लिया। इस गिरोह का पांचवां सदस्य थुआ छात्र निवासी रोशन लाल अभी फरार है।
झूठा दर्ज करवाया अपहरण का केस
राजौंद थाना प्रभारी ने कहा कि आरोपी मिंगनी खेड़ा निवासी पवन कुमार के भाई ने उसके अपहरण का केस हिसार सदर थाना में दर्ज करवाया हुआ है। जो झूठा है। पवन का किसी ने अपहरण नहीं किया। उसे पुलिस ने गांव किठाना से गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कैथल पुलिस ने पवन के पकड़े जाने की सूचना भेजी है। अभी जांच की जा रही है। सदर थाने में उसका अपहरण होने का केस दर्ज है।
- ललित, इंस्पेक्टर थाना सदर