एडीजे विमल कुमार की कोर्ट ने रिश्वत मामले में हुडा के क्लर्क बालक गांव निवासी देवेंद्र को चार साल की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी क्लर्क पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना न देने पर उसे अतिरिक्त सजा काटनी होगी। कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार मामले की शिकायत खैरपुर निवासी किसान दर्शन सिंह ने 23 नवंबर 2014 को विजिलेंस में की थी।
किसान का आरोप था कि उसकी जमीन हुडा ने सेक्टर 19-20 बसाए जाने के लिए अधिग्रहीत की थी। जमीन अधिग्रहण के बदले उसे दो करोड़ रुपये की राशि मिल गई थी। लेकिन तीन लाख रुपये की राशि बकाया थी।
इस धनराशि के चेक के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) में कार्यरत डीलिंग क्लर्क देवेंद्र सिंह द्वारा तीन हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
आरोप है कि किसान को धमकी दी जा रही थी कि पैसे नहीं दिए तो वह गलत खाता नंबर डालकर चेक भेज देगा। किसान की शिकायत पर एसपी ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस पर इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने कार्रवाई की। इसके लिए हिसार के नायब तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था। टीम ने कार्रवाई करते हुए विभाग के क्लर्क को उसके ऑफिस में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
12 लोगों की हुई गवाही
कोर्ट में सुनवाई के दौरान 12 गवाह पेश हुए। प्रकरण से संबंधित साक्ष्य पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से भी कई तर्क दिए गए, लेकिन ठोस साक्ष्यों के आगे बचाव पक्ष के तर्क साबित नहीं हुए।
अदालत ने गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का गहनता से परीक्षण करने के बाद आरोपित क्लर्क को रिश्वत लेने का दोषी करार देते हुए चार साल कैद की सजा सुनाई है।