सेक्टर 13 की एक कोठी में मृत मिली साढे़ चौदह साल की मेड से गैंगरेप हुआ था। सिविल लाइन पुलिस ने कोठी स्वामी के बेटे और एक रिश्तेदार के खिलाफ हत्या और गैंगरेप का केस दर्ज किया है। हालांकि सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पता लगेगी। शव से सड़ांध आ रही थी, आशंका है शव पुराना है। शव का पोस्टमार्टम दोपहर बाद अग्रोहा के पीजीआई में किया गया।
सेक्टर 14 में झुग्गी बनाकर सपरिवार रहने वाले एवं यूपी के मुरादाबाद निवासी एक आदमी ने बताया कि उनकी साढे़ चौदह साल की बेटी सेक्टर 13 के मदन मोहन स्याल के यहां मेड के तौर पर काम करती थी। उसने कहा कि पांच दिन पहले उसकी बेटी का फोन आया था। उसने कहा था कि वह शनिवार को घर आएगी। लेकिन शनिवार को उसकी मौत की सूचना मिली। मकान मालिक ने बताया कि उनकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। यह सरासर गलत है। जब हम मौके पर पहुंचे तो उसकी बेटी का शव फर्श और बेड पर था। उसके हाथ बेड पर थे और वह फर्श पर घुटनों के बल थी। गले में चुन्नी का फंदा काफी ढीला था। इसलिए यह आत्महत्या का मामला न होकर हत्या का मामला है।
बेटी दो-तीन पहले मारी
मृतका किशोरी के पिता ने आशंका जताते हुए कहा कि उसकी बेटी को दो-तीन दिन पहले मारा गया है। शव फूला हुआ था और जोर की सड़ांध उठ रही थी। उसके इलावा कुछ चेहरा झुलसा हुआ था। जिससे लगता है कि उस पर कोई तेजाबनुमा चीज फेंकी हो। वह डेढ़ महीने पहले सेक्टर 13 की कोठी में लगी थी और वहीं रहती थी।
पुलिस की कार्यशैली पर जताया संदेह
मृतका के पिता ने पुलिस की कार्यशैली पर संदेह जताया है। उसका कहना था कि कोठी मालिक पैसे वाला है। पुलिस गिरफ्तारी के लिए उस पर दबाव नहीं बना रही है और मामले को दबाना चाहती है। पुलिस को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मालिक के बेटे और दूसरे आरोपी की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए।
झुग्गी वालों ने जताया रोष
किशोरी की मौत का पता चलने पर सेक्टर 14 की झुग्गियों में रहने वाले आदमी और महिलाएं काफी संख्या में रविवार सुबह ही सिविल अस्पताल परिसर में पहुंच गए थे। उन्होंने किशोरी की मौत को लेेकर रोष जताया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। सुरेंद्र गंगवा एडवोकेट, बसपा के डॉ. दिनेश कटारिया, गुलाब सिंह और अन्य भी सिविल अस्पताल परिसर में पहुंचे और मौत पर शोक जताते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मृतका के परिजनों को वाजिब आर्थिक सहायता, केस में एससी एक्ट लगाने और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। झुग्गी वालों के रोष को देखते हुए प्रशासन ने अस्पताल परिसर में पुलिस बल की तैनाती की थी।