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बसपा हलका महासचिव को पिलाया जहर, एएसआई समेत प्रॉपर्टी डीलर पर हत्या का केस

Sun, 01 May 2016 12:52 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला , हिसार
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बसपा के नलवा हलके के महासचिव बसाऊराम को जबरदस्ती जहर पिलाए जाने का मामला सामने आया है। बसपा महासचिव की जहर के प्रभाव में आने से मौत हो गई है। मामला प्रॉपर्टी से संबंधित लाखों के लेनदेन का है। जहर पिलाकर हत्या करने का आरोप पुलिस के एक एएसआई रामपाल और प्रॉपर्टी डीलर भीमदत्त शर्मा पर है। दोनों के खिलाफ सदर थाना पुलिस ने हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। उधर, मामले की सूचना के बाद पार्टी के अन्य नेता मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव न उठाने की बात कही है। हालांकि देर रात परिजनों ने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने पर शव उठा लिया है। 
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 आजाद नगर एरिया में रहने वाले राजेश ने आरोप लगाया कि उसके पिता बसाऊराम (55) को प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में जबरदस्ती कोल्ड ड्रिंक्स में जहर डालकर पिला दिया। उसका कहना है कि वे शुक्रवार शाम करीब सात बजे भीमदत्त शर्मा के ऑफिस में रुपयों के लेने के लिए गए थे। उन्होंने रामपाल और भीमदत्त को 17 लाख रुपये में मकान बेचा था। खरीदार एएसआई रामपाल था, जिसने कुछ रकम तो दे दी थी, लेकिन 5.48 लाख रुपये बकाया था। इनका 28 तारीख को देने का करार था। इसी दौरान उन्होंने पिता तो जहरीला पदार्थ पिला दिया। बेसुध हालत में पिता उन्हें प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस के बाहर मिला। इतना ही नहीं उन्होंने जानकारी भी खुद दी कि उसके पिता ने शराब पी रखी है, इसे ले जाओ। बेसुध हालात में उसे उपचार के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसने रात को दम तोड़ दिया। राजेश का कहना है मरने से पहले पिता ने बताया कि भीतदत्त और रामपाल ने उसे जबरदस्ती जहरीला पदार्थ पिला दिया और जातिसूचक गालियां दीं। 

पहले 306 का केस दर्ज, रोष जताया तो बदलीं धाराएं
पुलिस ने पहले परिजनों की शिकायत पर 306 के तहत केवल प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ केस दर्ज किया था। पार्टी के कार्यकर्ता और नेता मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव उठाने से इंकार कर दिया। उन्होंने मांग की कि जब तक पुुलिस आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज नहीं करती और उन्हें गिरफ्तार नहीं करती तो वे शव नहीं उठाएंगे। दोपहर बाद में पुलिस ने केस बदल दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं और परिवार का रोष जारी रहा।
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एसएचओ पहुंचे मनाने
मामले की सूचना मिलते ही एसएचओ ललित कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। पुलिस को उनके समझाने के बावजूद भी दो बार केस बदलना पड़ा। पहले धारा 306 के तहत केस दर्ज किया। फिर परिजनों ने एससी-एसटी एक्ट लगवाया। इसके बाद फिर केस बदलना पड़ा। परिजनों ने आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज करवाया।
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