एडीजे अजय पराशर की कोर्ट ने हत्या और हत्या प्रयास के जुर्म में गांव सिंघवा राघो के सुनील शर्मा को उम्रकैद और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उस पर गोली मारकर अपने गांव के कुलदीप गोस्वामी की हत्या करने और उसकी पत्नी संतोष को घायल करने का दोष साबित हुआ है।
हांसी सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में 5 मार्च 2015 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार सिंघवा राघो का कुलदीप वारदात वाले दिन पत्नी संतोष और परिवार की अन्य महिलाओं, बच्चों के साथ ट्रैक्टर के पीछे बुग्गी जोड़कर गांव डाटा के बाबा लालदास मंदिर में पूजा करने गया था। वे पूजा करने के बाद लौट रहे थे। बुग्गी में गांव मसूदपुर की महिलाएं भी बैठी थीं। मसूदपुर आने पर वहां महिलाएं उतरने लगी। ट्रैक्टर खड़ा था। तभी सिंघवा का सुनील कार में आगेे आया और बोला कि ट्रैक्टर क्यों रोक दिया। इसको लेकर साइड देने की बात पर वह बहस करने लगा। फिर वह यह कहकर कार दौड़ा ले गया कि आगे आ, तुझे देखता हूं। ट्रैक्टर कुछ दूरी पर बिजली घर के पास पहुंचा तो कार साइड में खड़ी कर सुनील सड़क पर खड़ा था। उसने वहां पिस्तौल से कुलदीप को गर्दन और उसकी पत्नी को बाईं जांघ में गोली मार दी। कुलदीप की मौत हो गई थी और संतोष गंभीर रूप से घायल हो गई थी। हांसी सदर थाना पुलिस ने हत्या, हत्या प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी सुनील को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे हत्या, हत्या प्रयास और आर्म्स एक्ट का दोषी मानकर सजा सुनाई है।