गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के ब्वॉयज हॉस्टल क्रमांक तीन में लगी डॉ. अंबेडकर की तस्वीर को फाड़ने पर विद्यार्थियों ने बुधवार वीसी ऑफिस के सामने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान अज्ञात के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। वाइस चांसलर ने भी स्थिति को भांपते हुए तुरंत एक्शन लिया। हॉस्टल जाकर नई तस्वीर लगवाई और साथ ही विवि की जांच कमेटी भी गठित कर दी गई। हॉस्टल वार्डन ने अज्ञात के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है।
मंगलवार की शाम करीब 6-7 बजे के बीच किसी ने बीएच थ्री में अन्य तस्वीरों के साथ लगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर के फ्रेम को तोड़कर उसका पोस्टर फाड़ दिया था। आरोपियों ने वहां पर रखे न्यूज पेपर स्टैंड पर खड़े होकर तस्वीर को नीचे गिराया और फिर फाड़ दिया।
अन्य विद्यार्थियों को मामले का पता लगा तो उन्होंने वॉर्डन, चीफ वॉर्डन, प्रॉक्टर आदि के सामने आपत्ति जताई। चीफ वॉर्डन ने उचित कार्यवाही करने और नई तस्वीर लगवाने का आश्वासन दिया। सुबह विद्यार्थियों ने घटना को लेकर वीसी ऑफिस के सामने नारे लगाए और कार्यवाही की मांग की। वीसी ने तुरंत मामले को शांत करवाकर हॉस्टल में नई तस्वीर लगवा दी।
सिक्योरिटी गार्ड्स पर उठाए सवाल
अंबेडकर छात्र मोर्चा के अध्यक्ष मनदेव सिंह ने बताया कि आरोपियों ने सिक्योरिटी गार्ड्स के पास ही लगे न्यूज पेपर स्टैंड का इस्तेमाल तस्वीर का गिराने के लिए किया। गार्ड्स ने इसको दरकिनार कर दिया। यही नहीं तस्वीर को गिराकर तोड़फोड़ करने की आवाज को भी अनसुना कर दिया। सिक्योरिटी गार्ड्स के इस ढुलमुल रवैये का पहले भी विरोध किया जा चुका है।
जांच कमेटी का किया गठन
मामले की जानकारी मिलते ही कुलपति ने जांच के लिए प्रो. संजीव बाल्याण के नेत्तृव में चार सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया। कमेटी अपनी रिपोर्ट वीरवार को विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप देगी। बुधवार देर शाम तक कमेटी मामले की जांच कर रही थी।
छह माह पहले भी हुई थी घटना
छात्रों ने बताया कि ब्वॉयज हॉस्टल नंबर तीन में अंबेडकर की तस्वीर को फाड़ने की यह घटना करीब छह महीने पहले भी हुई थी। तब भी इसी जगह पर लगी अंबेडकर की तस्वीर को ही निशाना बनाया गया था। लेकिन बाद में आरोपियों पर कार्यवाही को लेकर मामला रफादफा हो गया था।
फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखी तस्वीर
जीजेयू प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है। अज्ञात लोगों द्वारा तस्वीर के फ्रेम को तोड़कर फाड़े गए पोस्टर को सुरक्षित रख लिया गया है। ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी फॉरेंसिक जांच भी करवाई जा सके। आरोपी के फिंगर प्रिंट तस्वीर पर होने के साथ-साथ खिसका कर ले जाए गए न्यूज स्टैंड पर भी हैं। दोनों चीजों को सुरक्षित कर दिया गया है।
मामले की शिकायत मिल गई थी। यह किसी की सोची-समझी साजिश है। जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। पुलिस में भी एफआईआर दर्ज करवा दी है। जिसने भी यह अशोभनीय काम किया है, उसे किसी भी हालात में बख्शा नहीं जाएगा।
- प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, जीजेयू