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जेल प्रशासन ने कोर्ट से रामपाल को दूसरी जेल में शिफ्ट करने की मांगी अनुमति

Tue, 05 Jan 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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बरवाला सतलोक आश्रम प्रकरण के देशद्रोह के मुकदमे में सोमवार को सुनवाई हुई। जेल अधीक्षक द्वारा लगाई गई आश्रम प्रमुख रामपाल की जेल स्थानांतरण की याचिका पर भी अदालत में सुनवाई हुई। देशद्रोह प्रकरण में अगली सुनवाई अब 11 जनवरी को होगी।
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राजगढ़ रोड स्थित जेल नंबर दो के अधीक्षक शमशेर सिंह दहिया ने एडीजे एसके शर्मा को अर्जी देकर कहा कि प्रमुख आरोपी रामपाल को जेल नंबर दो से एक में स्थानांतरित करने की अनुमति दी जाए।

जेल प्रशासन का तर्क है कि पेशी वाले दिन जेल के आगे रामपाल समर्थकों का हुजूम लग जाता है, जिससे अव्यवस्था का माहौल रहता है। रामपाल के दिल्ली के अधिवक्ता एपी सिंह ने बताया कि अदालत ने इस मामले में सुनवाई की।
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पहले रामपाल ने लगाई थी स्थानांतरण की याचिका
जेल से स्थानांतरण की याचिका पहले रामपाल ने भी लगाई थी। वह अदालत ने खारिज कर दी थी। रामपाल ने अपने वकील के माध्यम से याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि जेल अधीक्षक ने उससे 50 लाख रुपये की मांग की और रुपये न देने पर उसे जान से मरवाने की धमकी दी।

आरोपी ने तब जान का खतरा बताया था। जेल अधीक्षक दहिया ने रुपये मांगने के आरोप को बेबुनियाद बताया था। अदालत ने तब जेल स्थानांतरण की याचिका खारिज की थी।

वीसी के जरिये हुई पेशी
सेंट्रल जेेल में एडीजे एसके शर्मा के सामने दूसरी जेल में बंद रामपाल और अन्य आरोपियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई।

देशद्रोह के मुकदमे में 938 में से 799 आरोपी जमानत पर बाहर हैं, जबकि बाकी जेल नंबर एक और दो में बंद हैं। 6 आरोपी गैरहाजिर रहे। इसके अलावा देशद्रोह के मामले में पुन: जांच की मांग संबंधी याचिका के संबंध में पुलिस ने अदालत में जवाब देते हुए कहा कि जांच में कोई कोताही नहीं बरती गई है।

जांच ठीक है। रामपाल ने चार्जशीट में खामियां होने की बात कहते हुए दोबारा जांच की मांग की थी। अगली सुनवाई पर इसकी बहस होगी।

जेल के बाहर समर्थकों का रहा जमावड़ा
रामपाल और अन्य आरोपियों की पेशी के दौरान जेल के बाहर आश्रम के समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा। हालांकि रामपाल की वीसी के जरिये पेशी हुई।

समर्थकों के कारण जेल के बाहर दिल्ली रोड पर अव्यवस्था का आलम रहा। उन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। काफी समर्थक रोड के साइड में खड़े थे, जबकि काफी संख्या में टाउन पार्क में बैठे थे।
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