एडीजे बसरुद्दीन की अदालत ने दादा के घर का सामान जलाने और जान से मारने की धमकी देने के जुर्म में ढाणी गारन के युवक हरिकेश उर्फ रेलूराम को 10 साल की कैद और 7000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उसे 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने उसे बुधवार को दोषी करार दिया था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार बरवाला क्षेत्र के गांव ढाणी गारन में 3 जनवरी 2015 को हरिकेश ने दूसरे घर में रह रहे अपने 85 वर्षीय दादा श्योनाथ प्रजापति के घर में आग लगा दी थी।
इससे मकान में रखा सामान और गेेहूं जल गए थे। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी में कर्मी मौके पर पहुंचे थे और आग पर काबू पाया था, मगर तब तक ज्यादातर सामान स्वाहा हो गया था।
बुजुर्ग ने पुलिस को शिकायत देकर कहा था कि उसकी पत्नी चिड़िया देवी दोनों बेटों के परिवार के साथ अलग मकान में रहती है। छोटा बेटा कृष्ण गुजर चुका है तथा उसका बेटा हरिकेश अपने हिस्से की जमीन के अलावा चार मरला और जमीन अपने नाम कराने के लिए लगातार उस पर दबाव बना रहा है।
इस मसले को लेकर वह अक्सर उसके साथ झगड़ा करता रहता है, जिससे उसका जीना मुहाल हो गया है। इसी को लेकर एक दिन पोता उसके घर के आगे आया और दरवाजा तोड़ने का प्रयास करने लगा।
बुजुर्ग ने शिकायत में कहा था कि वह उसके इरादे भांप कर डर के मारे दूसरे रास्ते से निकलकर खेत में जा छुपा था। बाद में किसी ने बताया कि आपके घर का सामान जला दिया गया है।
बरवाला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आगजनी, सामान क्षतिग्रस्त करने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कर हरिकेश को गिरफ्तार किया था।