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हरियाणा : शेखपुरा तिहरे हत्याकांड में आठ आरोपी दोषी करार, पांच मार्च को सुनाई जाएगी सजा 

Tue, 02 Mar 2021 04:19 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
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सांकेतिक तस्वीर।
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हिसार जिले के हांसी क्षेत्र के शेखपुरा गांव में करीब चार साल पहले फाग के दिन हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में एडीजे वेद प्रकाश सिरोही की अदालत ने मंगलवार को आठ आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत दोषियों को पांच मार्च को सजा सुनाएगी। दोषियों में शेखपुरा गांव के अजीत, कृष्ण उर्फ धोलू, सुभाष, दलेल, रामफल, संदीप, अशोक व उमेद शामिल है। मृतक के परिजनों ने अदालत के फैसले पर खुशी जाहिर की है। 

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अदालत में चले अभियोग के अनुसार, 17 मार्च 2017 को फाग के दिन शेखपुरा गांव में दो गुटों का झगड़ा हो गया था। इस दौरान एक गुट के मुकेश, प्रदीप एवं रामकुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शेखपुरा निवासी संजय की शिकायत पर पुलिस ने 23 नामजद सहित करीब 4-5 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या करने, आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इस दौरान डीएसपी भगवानदास पर भी आरोप लगाए गए थे। मामले की जांच एसआईटी ने की थी। इसके बाद भी शेखपुरा गांव में दोनों गुटों के बीच आपसी विवाद चलता रहा। वर्ष 2019 में चार अगस्त को कृष्ण उर्फ धोलू को गिरफ्तार किया था।

आरोप लगाने पर डीएसपी का किया था तबादला
दोनों गुटों में पंचायती चुनाव एवं डेरा बाबा राजू नाथ के महंत पर आरोप लगाने को लेकर काफी दिनों से रंजिश चल रही थी। इनमें से दोषियों वाला गुट डीएसपी की ओर से था। उस दौरान डीएसपी भगवानदास की ड्यूटी भी हिसार हेडक्वार्टर में थी। इस मामले में आरोप लगाने पर डीएसपी का तबादला हिसार से पंचकूला कर दिया था, जहां पर डीएसपी ने अपने क्वार्टर में सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली थी। डीएसपी की मौत के बाद पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।  
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झगड़े के समय डीएसपी की बेटी पूजा थीं सरपंच
वर्ष 2016 के पंचायती चुनाव में डीएसपी भगवानदास की बेटी पूजा शेखपुरा गांव की सरपंच चुनी गई थीं। साल 2019 में उनकी नौकरी लग गई तो उन्होंने सरपंच पद से इस्तीफा दे दिया। उसके बाद गांव के सरपंच पद का कार्यभार पंचायत सदस्य भतेरी यादव को सौंप दिया गया। वैसे झगड़े के समय पूजा सरपंच थीं और झगड़े की वजह भी पंचायती चुनाव थे। दोनों गुट गुर्जर समाज से संबंधित हैं।

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