पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने रविवार को गंगवा रोड की जेल 2 में सर्च अभियान चलाकर नौ मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस ने इस बारे में आठ बंदियों के नाम चिह्नित कर लिए हैं। इनमें एक बंदी पुलिस को वांछित विनोद काणा का गुर्गा बताया जाता है। बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण का मेन आरोपी रामपाल इसी जेल में बंद है। पुलिस ने इस संबंध में जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को कई दिनों से गंगवा रोड की जेल में मोबाइल फोन होने की सूचनाएं मिल रही थी। डीएसपी जितेंद्र सिंह खटकड़, सीआईए वन प्रभारी मुकेश कुमार की टीम, सीआईए 2 प्रभारी प्रशांत कुमार की टीम, सदर थाना और पुलिस लाइन से आए जवानों ने रविवार को जेल में सर्च अभियान चलाने का फैसला लेकर छापा मार दिया। पुलिस ने वहां बैरकों के टायलेट या मैदान की जमीन में छुपाकर रखे गए एक-एक करके नौ मोबाइल व सिम बरामद किए। मोबाइल बरामद होने के बाद संबंधित बंदियों के चेहरे से हवाइयां उड़ गई।
जेल में आखिर कैसे पहुंचे मोबाइल
जेल में इतने मोबाइल फोन मिलने से जेल के सुरक्षा प्रबंधों पर सवालिया निशान लगा है। वहां इतने सुरक्षा कर्मी तैनात होने के बावजूद मोबाइल फोन कैसे पहुंच गए, यह जांच का विषय है। इसमें जेल कर्मियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। आखिर उन्हें चार्ज कैसे किया जाता रहा है। बदमाश जेल से फोन पर किस किस से बात करते थे और बात करने का उनका मकसद क्या रहा है। यह भी जांच का विषय है। गंगवा रोड की जेल में शायद इससे पहले इतनी संख्या में कभी मोबाइल फोन नहीं मिले।
बदमाशों में काणा का गुर्गा शामिल
पुलिस ने जिन बदमाशों से मोबाइल फोन बरामद किये हैं। उनके वांछित अपराधी विनोद काणा का एक गुर्गा भी शामिल है। इसके अलावा सात और बंदी शामिल हैं। सात बंदियों से एक-एक और शहर के एक मोहल्ले के बंदी से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस खंगालेगी कॉल डिटेल
पुलिस सूत्रों के अनुसार सभी सिम की कॉल डिटेल निकलवाई जाएगी। पुलिस यह पता लगाएगी कि बंदी किस-किस से बात करते थे और बात करने का उनका मकसद क्या था। वे जेल से अपना नेटवर्क कैसे चला रहे थे। पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है।
रामपाल इसी जेल में है बंद
बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण का मुख्य आरोपी रामपाल गंगवा रोड की उसी जेल में बंद है। जहां इतनी संख्या में मोबाइल फोन मिले हैं। पुलिस ने पिछले दिनों ने उसके कुछ समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस का कहना था कि समर्थक रस्सा लिए हुए थे और वे जेल की दीवार के पास के एक घर में मौजूद थे।