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पुलिस ने दबोचे गैंगरेप के चार आरोपी

Sun, 13 Sep 2015 12:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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बीती रात साढ़े तीन बजे तक चले पुलिस के सर्च अभियान में बिहार निवासी महिला से गैंग रेप के चार आरोपियों को दबोच लिया गया। चारों आरोपी बिहार के हैं और शहर में रिक्शा चलाते हैं।
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दरभंगा निवासी महिला से गैंगरेप रेड स्क्वेयर मार्केट रेलवे पुल के पास बने पार्क में किया था। दूसरी तरफ पुलिस को शनिवार को पीड़ित महिला का मेडिकल परीक्षण कराने में सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने कई घंटों तक रोडा डाले रखा। डॉक्टर महिला की उम्र कम बता कर उसका जन्म सर्टिफिकेट मांग रहे थे।

किसी तरह मामला निपटा तो मेडिकल परीक्षण में महिला डॉक्टर ने दुष्कर्म की पुष्टि तो कर दी, लेकिन महिला ने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया है, इसकी पुष्टि के लिए उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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बाप की उम्र का व्यक्ति भी बना दरिंदा
थाना सिटी व रेलवे पुलिस के सीमा विवाद में उलझा दरभंगा निवासी महिला से गैंग रेप का मामला शुक्रवार सायं पुन: सिटी पुलिस के कंधे पर आया तो पुलिस के 80 के करीब जवान रात को सर्च के लिए सड़क पर आ गए। पीड़िता को साथ लेकर पुलिस अधिकारी रेलवे स्टेशन पहुंचे।

उससे सीन ऑफ क्राइम को समझा और उसके द्वारा बताए गए एक रिक्शा चालक के नाम का सहारा लेकर पुलिस ने जबरदस्त सर्च अभियान शुरू किया। सफलता रात को साढ़े 3 बजे तब मिली जब एक के बाद एक वे चार रिक्शा चालक पुलिस के हत्थे चढ़ गए, जिन्होंने महिला को बच्चे को तलाश कराने का झांसा देकर साथ लिया और उससे बाद में गैंग रेप किया। आरोपियों में एक तो पीड़ित महिला के पिता की उम्र का है।

पत्रकारवार्ता में डीएसपी जयपाल सिंह ने बताया कि पीड़िता ने अपने साथ जो घटना बताई, उसमें पूरी सच्चाई है। चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभी इनकी शिनाख्त परेड होनी है, इस कारण इनके नाम का खुलासा नहीं किया जा सकता।

कुछ अन्य गिरफ्तारी भी संभव है। पीड़िता अभी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है। पुलिस उसके नवजात बेटे की तलाश में लगी है। महिला से गैंग रेप रेड स्क्वेयर मार्केट के पास रेलवे पुल के साथ एचडीएफसी बैंक के सामने बने पार्क में किया गया था। महिला को पार्क की दीवार फांद कर अंदर लाया गया था। गिरफ्तार एक आरोपी का बिस्तर अभी पार्क में लगा है।

पीड़िता मानी तो डॉक्टर का रोड़ा
गैंग रेप की शिकार महिला के मेडिकल परीक्षण के लिए पुलिस को जहां पहले पीड़िता को किसी तरह राजी करना पड़ा, वहीं बाद में डॉक्टरों को मनाने में पसीने छूट गए। पीड़िता ने पहले मेडिकल कराने से मना कर दिया था। पुलिस दो दिन की काउंसिलिंग के बाद उसे मेडिकल जांच के लिए राजी कर पाई।

थाना सिटी की जांच अधिकारी निर्मला शनिवार को पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए सिविल अस्पताल की महिला डॉक्टर के पास लेकर पहुंची तो डॉक्टर ने मेडिकल जांच से मना कर दिया। असल में डॉक्टर ने पुलिस अधिकारी से पीड़िता का जन्म सर्टिफिकेट मांगा जो पुलिस के पास नहीं था।

इस पर डॉक्टर ने पीड़िता की उम्र कम बताते हुए बिना उम्र सर्टिफिकेट के मेडिकल करने से मना कर दिया। इस दौरान वहां पहुंची जनवादी महिला समिति की प्रधान शकुंतला जाखड़ ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि डॉक्टर उसे विटनेस बना लें, लेकिन मामला नहीं सुलटा।

पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने का हवाला भी दिया। बाद में सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. दयानंद को पूरी बात बताई गई, तभी उनके आदेश पर करीब छह घंटे बाद पीड़िता का मेडिकल हो पाया, वह भी आधा अधूरा। क्योंकि आगे की मेडिकल जांच के लिए उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

पहले पुष्टि, फिर होगी बच्चे की तलाश
महिला से मेडिकल में गैंग रेप की पुष्टि हो गई। दुष्कर्म के चार आरोपियों को भी पुलिस ने दबोच लिया है, पर उसके नवजात बच्चे की तलाश अभी पुलिस के लिए पहेली है। पीड़िता का कहना है कि उसने वारदात से पांच दिन पहले ही बेटे को जन्म दिया था। जिसे हिसार में रेलवे स्टेशन से एक महिला अगवा कर ले गई।

पुलिस अब रविवार को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करा कर जानेगी कि उसने हाल में बच्चे को जन्म दिया है या नहीं। महिला वर्तमान में जिस मानसिक तनाव के दौर में है, वह सारी बातें सही तरीके से नहीं बता पा रही है। पुलिस की एक टीम इस मामले में बच्चे को अगवा करने वालों की तलाश में लगी भी है।
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