सासंद निधि के एस्टीमेट गलत बनाने के मामले में जांच के बाद बिजली निगम ने एक कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है। जूनियर इंजीनियर तथा हेड ड्राफ्टसमैन को चार्जशीट किया गया है। इस मामले में जांच रिपोर्ट जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है।
सांसद दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखा था, जिसमें एमपी लैड से कराए जा रहे विकास कार्यों के एस्टीमेट गलत बनाने की शिकायत करते हुए जांच की मांग की गई थी। सांसद ने अपनी चिट्ठी में कहा कि बिजली निगम के अधिकारी कम लागत में होने वाले काम का एस्टीमेट काफी अधिक बना रहे है।
एक ही काम के रेट में काफी अंतर आ रहा है। सांसद का पत्र मिलने के बाद मुख्य सचिव की ओर से डीसी निखिल गजराज को लैटर भेजकर जांच के लिए निर्देश दिए गए। डीसी ने इस मामले में बिजली निगम के अधिकारियों से जांच रिपोर्ट तलब की।
कई खुलासे हो रहे
इस जांच रिपोर्ट में कई खुलासे हो रहे हैं। करीब एक महीने पहले बालसमंद में कागजों में ही खंभे लगाने का मामला सामने आया था। दूसरा मामला सोमवार को सामने आया। जानकारी के अनुसार मिर्जापुर बाईपास पर बनी ढाणियों में सांसद निधि से कनेक्शन दिया जाना था।
इसमें सिंगल फेज का कनेक्शन मंजूर किया गया था। निगम कर्मचारियों ने थ्री फेज का कनेक्शन लगा दिया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ। सांसद निधि से इस कनेक्शन के लिए 5.30 लाख रुपये निकाले गए। सांसद निधि के नियमों के अनुसार ढाणियों में इस योजना के तहत सिंगल फेज कनेक्शन ही दिया जा सकता है।
थ्री फेज या ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। ऐसे कनेक्शन को कॉमर्शियल कनेक्शन में माना जाता है। अगर नियम के हिसाब से यह कनेक्शन जारी किया जाता तो 2 से 2.50 लाख रुपये खर्च आता।
एक सस्पेंड दो चार्जशीट
मामले का खुलासा होने के बाद असिस्टेंट लाइनमैन विजय कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। जूनियर इंजीनियर अमरजीत व हेड ड्राफ्टस मैन सतपाल वशिष्ठ को चार्जशीट किया गया है। दोनों कर्मचारियों से इस मामले में जवाब मांगा गया है।
कागजों में ही लगा दिए थे खंभे
बिजली निगम ने बालसमंद गांव में कागजों में ही खंभे लगा दिए जाने का मामला अमर उजाला ने पिछले दिनों प्रकाशित किया था। जिसमें बिजली निगम ने दो लोगों को सस्पेंड कर कुछ कर्मचारियों को नोटिस जारी किए थे। इस बारे में अभी जांच चल रही है।
एमपी ने विजिलेंस मीटिंग में मांगा था जवाब
सांसद दुष्यंत चौटाला ने 16 जून को विजिलेंस मॉनिटरिंग कमेटी की मीटिंग में इस मुद्दे को उठाते हुए अधिकारियों से जवाब तलब किया था। जिस पर बिजली निगम अधिकारियों ने जल्द ही पूरी रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया था। सांसद ने दोषी अधिकारी, कर्मचारियों के नाम उजागर करते हुए कार्यवाही के लिखा है।
बिजली निगम के तय सरकुलर कोड के अनुसार एस्टीमेट तैैयार नहीं करने पर एएलएम विजय को सस्पेंड किया गया है। जूूनियर इंजीनियर व हेड ड्राफ्टसमैन को चार्जशीट किया गया है। विभागीय नियमों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। - डीएल हंसू, अधीक्षक अभियंता, डीएचबीवीएन हिसार