जिले की ग्राम पंचायत सी ब्लॉक बीड, चिकनवास, राजीव नगर (झिड़ी) से सरपंच प्रत्याशी संदीप गोदारा को गैंगवार में दिनदहाड़े भून दिया गया।
संदीप को तीन गोली लगी और मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ ही बाइक पर सवार बलबीर सरदार को गंभीर हालत में अग्रोहा पीजीआई में भर्ती करवाया है।
वारदात के बाद बदमाश एक बाइक को मौके पर ही छोड़ कर सोनीपत से लूटी गई कार में सवार होकर फरार हो गए। पिछले चार महीनों में यहां गैंगवार में तीन हत्याएं हो चुकी हैं और मरने वाले तीनों ही संदीप नाम के युवक हैं।
गांव झिड़ी में पंचायत चुनाव को लेकर माहौल गर्माया हुआ था। संदीप गोदारा (25) ने भी सरपंच पद के लिए नामाकंन भरा था। वह मंगलवार सुबह सरदारों वाली ढाणी में कृपाल मिस्त्री के यहां मौत पर शोक जताने के बाद बाइक पर अपने साथी बलबीर सरदार के साथ गांव लौट रहा था।
सुबह पौने 9 बजे के करीब जब वे ठसका रोड से अपनी ढ़ाणी की तरफ आए तो दो बाइक पर सवार होकर आए 4-5 बदमाशों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दी।
संदीप के दो गोली सिर में व एक गोली पेट में लगी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जाते समय बदमाशों ने बलबीर सरदार के भी सीने में यह कह कर एक गोली दाग दी कि तुझे नहीं मारा तो तूं गवाह बन जाएगा। वारदात को अंजाम देकर बदमाश एक बाइक को वहीं छोड़ गए।
फोन पर जानी लोकेशन और गोली मार हुए फरार
गांव झिड़ी (बीड़ चिकनवास, राजीव नगर) निवासी संदीप गोदारा की हत्या की प्लानिंग काफी अर्से से की जा रही थी। वह तभी से किशोरी गैंग के निशाने पर था, जब अक्तूबर, 2013 में हुई किशोरी की हत्या में उसका नाम आया।
दो गैंगों के बीच चल रही दुश्मनी की यह खाई करीब डेढ़ महीना पहले तब और गहरी हो गई, जब संदीप गोदारा पर गांव मंगाली निवासी संदीप सेठी की हत्या की साजिश रचने के आरोप लगे। मंगलवार सुबह संदीप गोदारा को घर से बाहर लाने के लिए बदमाश पूरे प्लान के साथ पहुंचे थे।
सरदारों वाली ढाणी में शोक व्यक्त करने गए संदीप के पास बार-बार कोई फोन कर उसे जल्द वहां से निकलने के लिए उकसा रहा था। पुलिस ने वारदात की तह में पहुंचने के लिए उसके फोन को कब्जे में लेकर कॉल डिटेल की जांच शुरू कर दी है। हत्या के बाद फोन पर चार मिस कॉल थी, पुलिस इनकी भी छानबीन में लगी है।
ऐसे शुरू हो गई दुश्मनी
गांव सीसवाल के दीपू उर्फ दीप्ति और मंगाली सूरतिया के किशोरी के गैंग के बीच दुश्मनी कॉलेज के समय से ही है। संदीप गोदारा जिसकी मंगलवार को हत्या कर दी गई वर्ष 2006-07 में जाट कॉलेज में पढ़ता था। वह दीपू का दोस्त था। वहीं किशोरी डीएन कॉलेज में पढ़ता था।
ग्रुप में चौधर को लेकर दोनों के बीच लड़ाई झगड़ा हुआ। इसमें दीपू ने संदीप का साथ दिया। बाद में संदीप गोदारा व किशोरी का समझौता हो गया किंतु दीपू व किशोरी में रंजिश बरकरार रही। 10 अक्तूबर, 2013 को किशोरी को यहां राजकीय कॉलेज के पास सरेआम गोलियों से भून दिया गया था। इसमें संदीप गोदारा पर आरोप थे कि उसने किशोरी के हत्यारोपियों को आर्थिक मदद पहुंचाई है।
जल्दी गोली मार...
किशोरी की हत्या के बाद गिरोह की कमान मंगाली के ही संदीप सेठी के हाथ आ गई। दीपू उर्फ दिप्ती फिलहाल जेल में है। अपराध जगत से जुड़े लोग बताते हैं कि संदीप को भी डर था कि कहीं सेठी उस पर हमला न कर दे।
बताया गया है कि करीब डेढ़ महीना पहले दिप्ती गैंग के कुछ बदमाश सेठी की हत्या करने के लिए मंगाली गए थे। इसमें संदीप गोदारा का नाम भी लिया गया तो किशोरी की हत्या के बाद पहले से ही खार खाए बैठे सेठी ग्रुप ने उसे मारने की पूरी योजना बना ली थी।
मंगलवार को संदीप गोदारा की हत्या हो गई और इसमें संदीप सेठी गैंग का नाम आया है। संदीप के चचेरे भाई देव कुमार ने पुलिस रिपोर्ट में लिखवाया है कि संदीप गोदारा को गोली मारने आए बदमाशों में से एक ने कहा कि सोनू जल्दी संदीप को गोली मार वरना सेठी को क्या जवाब देंगे।
फोन का अहम रोल
सरपंच प्रत्याशी संदीप गोदारा की हत्या की सूचना के बाद मौके पर पहुंची अग्रोहा थाना पुलिस ने वारदात स्थल से मृतक संदीप गोदारा का मोबाइल कब्जे में लिया है।
फोन की जांच से सामने आया कि फोन पर आखिर में चार मिस कॉल जिस नंबर से आई हुई हैं, वह नंबर मोबाइल में संदीप ओड के नाम से फीड किया हुआ था।
वहीं पुलिस ने इस दौरान फोन पर आई अन्य रिसीव्ड और डायल की हुई कॉल डिटेल को भी खंगाला है। संदीप गोदारा के पास मंगलवार सुबह ही किसी की कॉल आनी शुरू हो गई थी।
पहले जहां फोन करने वाले ने उससे लोकेशन जानी, वहीं बाद में उसे बार-बार फोन कर सरदारों वाली ढाणी से जल्द आने के लिए दबाव डाला गया।
फोन करने वाले ने संदीप गोदारा की लोकेशन के बारे में भी पूछा था, जोकि बताने के थोड़ी देर बाद ही संदीप के साथ वारदात हो गई। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस को इस मामले में कई अहम सुराग भी हाथ लगे हैं।
इकलौता बेटा था संदीप
गांव झिड़ी निवासी संदीप गोदारा परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी शादी हो चुकी थी। उसकी हत्या से जहां इकलौती बेटी के सिर से पिता का हाथ उठ गया है, वहीं दो बहनें भी बिना भाई के हो गई हैं।
संदीप गांव में अपने खेतों में बनी ढाणी में परिवार के साथ रहता था। उसके पिता रामस्वरूप हरको बैंक में क्लर्क रहे हैं, जो कि सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
पोस्टमार्टम के वक्त जुटी भीड़
संदीप गोदारा के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया था। उसकी हत्या की सूचना कुछ ही देर में पूरे क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग सिविल अस्पताल में जुट आए।
लोगों का गुस्सा उबाल न खा जाए, इसको देख पुलिस ने एहतियातन कड़ी सुरक्षा के प्रबंध किए थे। थाना सिटी प्रभारी प्रदीप यादव व अग्रोहा थाना प्रभारी मुकेश दल बल के साथ यहां तैनात रहे। सिविल अस्पताल में सैकड़ों की संख्या में लोग गुटों में घंटों तक पोस्टमार्टम के बाद शव के इंतजार में जमे रहे।
गोली ढूंढने में लगे साढ़े 3 घंटे
झिड़ी के संदीप गोदारा के शव के पोसटमार्टम में करीब साढ़े 3 घंटे का समय लगा। उसका शव हालांकि करीब दस बजे ही अस्पताल पहुंच गया था, लेकिन पोस्टमार्टम की कार्रवाई दोपहर बाद दो बजे शुरू हुई। इससे पहले पोस्टमार्टम रूम में तीन अन्य शवों का पोस्टमार्टम किया गया था।
पोस्टमार्टम से पहले उसके शव का एक्सरे कर उसके शरीर में फंसी गालियों को देखा गया। संदीप को 3 गोली लगी थी। गोली सिर में लगी थी।
पोस्टमार्टम के समय डाक्टर उसके शरीर से एक गोली को नहीं निकाल पा रहे थे। इसमें करीब डेढ़ घंटा लगा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई सायं साढ़े पांच बजे तक चलती रही।
80 साल का है बलबीर
झिड़ी के संदीप गोदारा के साथ मंगलवार सुबह जिस बलबीर सरदार को भी बदमाशों ने गोली मारी, वह 80 साल का है। संदीप के साथ ही वह सरदारों वाली ढ़ाणी में मिस्त्री कृपाल के यहां उसके रिश्तेदारी में हुई मौत पर शोक जताने गया था। वारदात लौटते समय हुई और तब संदीप गोदारा बाइक चला रहा था जबकि बलबीर पीछे बैठा था।
कहा जा रहा है कि एक गोली संदीप को पार करते हुए बलबीर के शरीर से भी आरपार हो गई। दूसरी गोली बदमाशों ने बलबीर के कंधे पर मारी।