करीब एक माह (28 दिन) पहले गांव बधावड़ में प्रॉपर्टी के लिए छात्रा रितु की हुई हत्या मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर गांव बधावड़ के ग्रामीण मंगलवार को भड़क गए। रोषित ग्रामीणों में शामिल महिलाओं ने थाने में हंगामा किया, इतना ही नहीं मौके पर मौजूद डीएसपी राजबीर सैनी से भी ग्रामीणों की तीखी बहस हुई।
हालांकि बाद में डीएसपी राजबीर सैनी द्वारा ग्रामीणों को दो दिन के अंदर मामले के संबंध में ठोस कार्रवाई अमल में लाए जाने के दिए गए आश्वासन के बाद शांत हो गए। इससे पहले ग्रामीणों ने थाने में नारेबाजी कर अपनी भड़ास भी निकाली। जब मामले की सुनवाई के लिए कोई थाने से बाहर नहीं आया तो रोषित ग्रामीणों में शामिल महिलाएं व ग्रामीण एसएचओ रूम में जा पहुंचे। वहां भी उन्होंने रोष जाहिर किया। हालांकि बाद में डीएसपी ने स्थिति को संभाल लिया और ग्रामीणों को समझाकर शांत कर दिया।
अभी तक दो को किया गिरफ्तार
रोषित ग्रामीणों का कहना था कि वारदात को हुए करीब एक माह हो चुका है, लेकिन पुलिस ने इस मामले में केवल दो ही लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ग्रामीणों का आरोप था कि मर्डर के मामले को लेकर पुलिस गंभीर नहीं है। पुलिस केवल रितु की सौतेली मां और नाबालिग भाई को पकड़कर अपनी ड्यूटी से इतिश्री कर चुकी है।
सौतेली मां और छह अन्य पर किया था मामला दर्ज
आठ जून की रात को गांव बधावड़ में 22 वर्षीय बीए की स्टूडेंट रितु का मर्डर हो गया था। मामले को लेकर पुलिस ने रितु के पिता रामफल के चचेरे भाई अजमेर की शिकायत पर रितु की सौतेली मां और छह अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
अजमेर ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि अपनी दादी के पास खेतों में रहने वाली रितु की उस दौरान राजेश, नरेश, सरोज, अजय और पूनम ने मिलकर लाठी, डंडों और तेजधार हथियार से वार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रितु की सौतेली मां सरोज और नाबालिग भाई को गिरफ्तार कर लिया था।
दोनों आरोपी जेल में हैं। रोषित ग्रामीणों का कहना था कि बाकी आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। ऐसे में उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वीरवार तक अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे एकत्रित होकर थाने का घेराव करेंगे।