कोर्ट परिसर में हुई फायरिंग मामले में दीप्ति गैंग के गुर्गे अजमेर उर्फ डीजल और अशोक उर्फ सोनू को जेल के अंदर से डूडी को उड़ाने के आदेश मिले थे। जेल में बैठे मंगाली के अनिल उर्फ छोटिया ने मोबाइल फोन पर दोनों को डूडी को खत्म करने की बात कही थी।
गंगवा के डीजल और अशोक ने इस काम को अंजाम देने के लिए अपने साथ सीसवाल के अंकित को तैयार कर लिया। पुलिस के सामने गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों ने यह खुलासा किया है। पुलिस ने दोनों का एक दिन का रिमांड लिया है। कोर्ट कांप्लेक्स चौकी इंचार्ज सुरेश ने बताया कि दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कोर्ट कांप्लेक्स चौकी इंचार्ज सुरेश के अनुसार दोनों ने पुलिस को बताया कि छोटिया ने फोन पर आदेश दिया था कि संदीप डूडी को हर हाल में ठिकाने लगाना है। हमने अंकित से भी छोटिया की बात कराई थी। उसने अंकित को गैंग में शामिल करने की बात कही थी।
अंकित को पहले से डीजल और सोनू ने सुनहरे सपने दिखा रखे थे। अंकित ने भी उनकी बातों में खास रुचि दिखाई थी। डूडी को ठिकाने लगाने की अंकित ने हामी भरी थी, लेकिन यह भी बताया था कि वह उसे पहचानता नहीं है। इस पर डीजल और सोनू ने उससे कहा था कि वह उसको दुश्मन का चेहरा दिखा देंगे। दोनों ने उसका कोर्ट पार्किंग में चेहरा दिखाया था, गोलियां चलीं भी, मगर डूडी को नहीं लगी थी। राहगीर विपिन घायल हुआ था।
जेल में बैठे छोटिया से मोबाइल पर चार दिन तक हुई बात
पुलिस के अनुसार मंगाली का छोटिया जेल से मोबाइल फोन पर डीजल और सोनू से बात करता था। 14 से 18 मार्च के बीच जेल से बात की गई। यानी वारदात वाले दिन 18 मार्च को भी बात हुई थी। अंकित की गिरफ्तारी से यह बात साफ हो गई थी। पहले यह बात सामने आई थी अदालत में पेशी पर आने के दौरान डूडी को मारने का आदेश दिया गया था।
छोटिया से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर की पूछताछ
पुलिस को अंकित बता चुका था कि डीजल और सोनू से छोटिया मोबाइल पर जेल से बात करता है। पुलिस को उसकी बात पर संदेह था। पुलिस ने तब छोटिया को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में अर्जी लगाई थी। अदालत ने इसे मंजूर कर लिया था।
पुलिस ने 30 मार्च को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर छोटिया को शामिल तफ्तीश किया था। उसने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वह मोबाइल पर डीजल और सोनू से बात करता था। पुलिस ने उसे फिर से जेल भेज दिया। पुलिस ने बताए गए मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई है।
जेल में चल रहे हैं मोबाइल
छोटिया, डीजल और सोनू से पूछताछ में यह बात साफ हो गई है कि जेल में अपराधी बेखौफ होकर मोबाइल यूज कर रहे हैं। इससे जेल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठता है। अपराधियों के पास मोबाइल कैसे पहुंचता है और फिर चार्ज कैसे किया जाता है। यह जांच का विषय है। इससे पहले भी जेल में बैठे अपराधी बाहर वारदात करवाते रहे हैं। विनोद काना गैंग के गुर्गे जेल में बैठकर गवाह तक को धमकाते रहे हैं।