जुवेनाइल कोर्ट के न्यायाधीश आशीष कुमार शर्मा की अदालत ने वीरवार को हत्या के आरोप में जिले के दो जुवेनाइल आरोपियों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। सत्र न्यायालय पहले दो बालिग आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुना चुकी है।
अदालत में चले अभियोग के अनुुसार गांव स्याहडवा के सुखविंद्र नामक युवक की गांव में स्कूल के पास 26 नवंबर 2011 को गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
मृतक के भाई सोमवीर ने पुलिस को बयान देकर कहा था कि 20 दिन पहले उनके गांव के सोनू की बुरे गांव के कृष्ण के साथ जाट कॉलेज के पास कहासुनी हुई थी।
इसी को लेकर वह, सुखविंद्र, सोनू और दो तीन अन्य हिसार में बस स्टैंड के पास जाकर दूसरे पक्ष को समझाकर आए थे। इसी के चलते घटना वाले दिन पहले तो हमलावर पक्ष ने फोन पर सुखविंद्र वगैरह से बात की।
वे कहासुनी के बाद ठिकाने का पता लगने पर बाइक पर वहां आ धमके थे। वहां बाड्यां ब्राम्हणान के अमित, दुबेटा के संदीप और दो अन्य में से एक ने गोलियां चला दी थीं, जिससे उसके भाई की मौत हो गई।
पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता जेएस मल्ही और धीरेंद्र शर्मा ने बताया कि एडीजे बसरुद्दीन की अदालत ने पिछले साल 24 सितंबर को अमित और संदीप को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।