एडीजे एसके शर्मा की कोर्ट ने बेरहमी से हत्या कर शव ट्रैक पर फेंकने वाले दोषी सूर्य नगर निवासी मोनू उर्फ बल्ला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने हत्यारे को 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर उसे एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार 13 अप्रैल 2013 को जीआरपी थाना में केस दर्ज हुआ था। भाई सुखबीर की शिकायत पर दर्ज हुए केस में उसने बताया था कि मोहनलाल की किसी अज्ञात ने हत्या कर शव रेलवे लाइनों पर फेंक दिया।
उसने शिकायत में लिखवाया था कि मोहनलाल ट्रैक्टर चलाता था और 12 अप्रैल की शाम को वह घर से खरकड़ी जाने की बात कहकर निकला था।
उसके साथ उस दौरान आनंद था। देर रात को वह घर नहीं लौटा परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। 13 अप्रैल को उसका शव सूर्य नगर के पास ही रेलवे लाइनों पर मिला।
उसके शव के पास खून से सनी ईंट थी। रेलवे लाइन के साथ बनी दीवार पर भी खून के छींटे थे।
फोन के जरिए हत्यारे तक पहुंची पुलिस
जब पुलिस को राजली गांव निवासी हाल सूर्य नगर के मोहनलाल का शव रेलवे लाइनों पर मिला तो जीआरपी ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
ब्लाइंड मर्डर होने के चलते पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन निकलवाई। मोबाइल फोन पर आखिरी बार बात करने वाला सूर्य नगर निवासी मोनू ही था।
उससे जब पूछताछ हुई तो एक अन्य युवक का नाम सामने आया। वह जुवेनाइल था। कोर्ट ने इस मामले में 17 नवंबर को मोनू को दोषी करार दिया था।