सिवानी के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी दुर्गादत्त शर्मा को सतर्कता ब्यूरो विभाग की टीम ने सोमवार 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ धर दबोचा। ठेकेदार महावीर की शिकायत पर पकड़े गए बीडीपीओ पर 7 लाख रुपये का बिल पास करवाने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है।
तोशाम और सरल के बीच से दबोचे गए बीडीपीओ को बाद में विभाग की टीम अपने साथ गिरफ्तार करके हिसार ले गई। टीम ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। उधर, विभाग की भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई इस कार्रवाई से विभिन्न सरकारी महकमों में खलबली मच गई।
ठेकेदार महावीर सिंह का 7 लाख रुपये का बिल था। आरोप है कि इसे निकालने में बीडीपीओ आनाकानी कर रहा था। इसी बीच दोनों के बीच रिश्वत को लेकर बातचीत हुई तो सौदा 20 हजार रुपये में तय हो गया। इसकी शिकायत महावीर ने सतर्कता विभाग और उपायुक्त भिवानी को दी।
शिकायतकर्ता महावीर की शिकायत पर उपायुक्त डॉ. साकेत कुमार ने नायब तहसीलदार रणसिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। तोशाम और सिवानी के बीच दुर्गादत्त को महावीर ने जैसे ही 20 हजार की रिश्वत दी तो टीम ने उन्हें तुरंत धर दबोचा और अपने साथ गिरफ्तार करके हिसार ले गई।
इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी के हाथ धुलवाए गए तो वे लाल पाए गए। उन्होंने बताया कि आरोपी को रिश्वत की राशि समेत टीम ने काबू कर लिया है।
उधर, बीडीपीओ के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद यहां के विभिन्न महकमों में खलबली मच गई। बीडीपीओ पर चुनाव के एन वक्त पर हुई इस कार्रवाई से विभाग के लोग भी सकते में आ गए।