आश्रम में बच्चों को वापस शिफ्ट करने के लिए प्रशासन ने 12 शर्तों की सूची आश्रम प्रबंधन को सौंपी है।
प्रबंधन की ओर से इन शर्तों को पूरा करने का शपथ पत्र देने के बाद ही बच्चों को वापस आश्रम में भेजा जाएगा।
इससे पूर्व जिला प्रशासन की टीम शुक्रवार को आश्रम में जेजे एक्ट के मानकों को जांचने भी पहुंची।
आश्रम प्रकरण में बच्चों को वापस आश्रम में शिफ्ट करने को लेकर प्रशासन की ओर से शुक्रवार को एसडीएम अशोक बंसल के नेतृत्व में प्रशासन की एक टीम आश्रम पहुंची।
यहां जेजे एक्ट के मानकों को जांचा, जिसमें कुछ खामियां मिलने के बाद आश्रम प्रबंधन को एक सूची सौंपी गई। इसमें 11 शर्तों को पूरा करने के लिए एक शपथ पत्र तैयार कराया जाएगा।
आश्रम प्रबंधन की ओर से यह शपथ पत्र देने के बाद ही बच्चों को वापस भेजा जाएगा। जिला प्रशासन पर बच्चों को वापस आश्रम शिफ्ट करने का राजनीतिक दबाव होने के चलते प्रशासन की टीम से यह जांच कराई गई।
पिछले सप्ताह सीपीएस कमल गुप्ता ने बच्चों को एक सप्ताह में वापस आश्रम शिफ्ट करने का भरोसा दिया था। आश्रम में दो लड़कियों के यौन शोषण की घटना उजागर होने के बाद इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
एफआईआर में नाम वाले आश्रम में प्रतिबंधित
आश्रम प्रबंधक दयाल दास की ओर से शपथ पत्र दिया जाएगा। इसमें लिखा जाएगा कि जिन लोगों के नाम एफआईआर में शामिल हैं उनका आश्रम में आने पर प्रतिबंध रहेगा। इन लोगों का आश्रम की किसी गतिविधि से कोई संबंध नहीं रहेगा।
प्रशासन की शर्तें
- दयालदास व कृष्ण शास्त्री का कक्ष लड़कियों के परिसर से बाहर शिफ्ट किया जाएगा।
- लड़कियों के बाथरूम को कवर किया जाएगा।
- जेजे एक्ट के हिसाब से आश्रम में सीसीटीवी लगवाए जाएंगे।
- आश्रम में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
- आश्रम परिसर में मेडिकल फर्स्ट एड सेंटर शुरू किया जाएगा।
- लड़के व लड़कियों के लिए अलग-अलग कंप्यूटर रूम, वोकेशनल ट्रेनिंग रूम बनेंगे।
- लड़के व लड़कियों के कमरों के ऊपर छत की दीवारों का निर्माण कराया जाएगा।
- लड़कियों के सभी कमरों में आपरदर्शी शीशे लगवाए जाएंगे।
- जेजे एक्ट के तहत सभी रिकॉर्ड व रजिस्टर मेनटेन किए जाएंगे।
- लड़के व लड़कियों के कक्षों के बाहर सुझाव बॉक्स रखे जाएंगे।
- आश्रम परिसर में प्रशासन के सभी जरूरी हेल्पलाइन नंबर लिखे जाएंगे।
चार बच्चों की तबीयत बिगड़ी
बालभवन में बनाए गए शेल्टर होम में रह रहे चार बच्चों को तबीयत खराब होने पर शुक्रवार को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया।
17 वर्षीय राम, 17 वर्षीय लक्ष्मण, 15 वर्षीय विजय और 11 वर्षीय कन्हैया को जांच के बाद उपचार आरंभ कर दिया। प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार बच्चों को पेट में दर्द व सर्दी की शिकायत है।
बच्चों ने कहा कि उनके खाने तथा रहने की उचित व्यवस्था नहीं है। सर्दी के मौसम में जमीन पर सोने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अधिकारी एक दूसरे पर टालते रहे
इस मामले में एसडीएम अशोक बंसल से आश्रम की जांच रिपोर्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बाल कल्याण विभाग की प्लानिंग ऑफिसर पूनम रमन पूरी जानकारी दे पाएंगी।
जब पूनम रमन से रिपोर्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में डीसी साहब ही जानकारी दे सकेंगे।