फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नर्सों के साथ काम करते सीख गई दवाओं के नाम और करने लगी गर्भपात

Thu, 28 Jul 2016 01:11 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला , हिसार
विज्ञापन
रुपये डबल - फोटो : Desk
विज्ञापन
गर्भपात करने के मामले में गिरफ्तार 12 क्वार्टर के हरिनगर की ज्ञान देवी और ऋषि नगर के दलाल जोगेंद्र सिंह को बुधवार को अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को एक दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने दोनों को मंगलवार को हरिनगर में गर्भपात करने का सौदा कर धर दबोचा था। पुलिस पूछताछ में ज्ञान देवी ने बताया कि उसकी एक परिचित नर्स गर्भपात से संबंधित दवा और औजार उसके यहां छोड़ गई थी। उस नर्स की अब मौत हो चुकी है। उसने पहले कभी गर्भपात नहीं किया। ज्ञान देवी का बयान पुलिस के गले नहीं उतर रहा है। पुलिस के अनुसार कम पढ़ी-लिखी विधवा ज्ञान देवी के पांच बेटियां हैं। उसने 32 साल एक प्राइवेट अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तौर पर नौकरी की है। नर्सों के साथ काम करते वह दवाओं के नाम सीख गई और घर पर गर्भपात का अड्डा बना दिया।
विज्ञापन


मौके से गर्भपात की 34 किट कीं बरामद 
डीएसपी जितेंद्र सिंह की टीम, डिप्टी सीएमओ डॉ. तेजपाल शर्मा, ड्रग कंट्रोलर कृष्ण कुमार गर्ग और अन्य की टीम ने मंगलवार को एक बोगस ग्राहक के माध्यम से ऋषि नगर के जोगेंद्र सिंह से गर्भपात का सौदा 20 हजार रुपये में तय किया था और तीन हजार एडवांस देने को कहा था। जोगेंद्र सिंह के साथ बोगस ग्राहक सिपाही सुनीता को जोगेंद्र के साथ ज्ञान देवी के यहां भेजा था। बोगस ग्राहक के इशारे पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर में छापा मारा था। पुलिस ने ज्ञान देवी और दलाल जोगेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया था। टीम ने मौके से गर्भपात की 34 किट, गर्भपात में यूज होने वाले टीके और औजार बरामद किए थे। पुलिस ने इस संबंध में दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

ढाबा ठप हुआ तो बना दलाल
पुलिस के अनुसार जोगेंद्र के पास भी चिकित्सा संबंधी कोई मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है। उसने बरवाला के एक निजी अस्पताल में चिकित्सा संबंधी प्राथमिक स्तर का काम जरूर सीखा था। उसने बरवाला और यहां के दो अस्पतालों में कंपाउंडर स्तर की नौकरी की थी। मगर वह ज्यादा दिन नौकरी पर नहीं टिक सका। उसने पिछले दिनों सेक्टर-14 में ढाबा खोला था। वह नहीं चला। उसने मजबूरीवश ढाबा बंद कर दिया था। अब वह आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। पुलिस के सामने वह भी इसे पहला केस बता रहा है। पुलिस उसके कथन को भी संदेह की नजरों से देख रही है।
विज्ञापन



ज्ञान देवी और जोगेंद्र बता रहे हैं कि यह उनका पहला केस था। फिर भी सच्चाई जानने के लिए उनका एक दिन का रिमांड हासिल किया है। पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह में कितने लोग हैं और ये पहले भी ऐसे केस कर चुके हैं या नहीं। 
विज्ञापन

मंदीप सांगवान एसएचओ सिटी थाना
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें