हिसार। भोजराज गांव निवासी युवक मनीष को 25 अप्रैल को जहर के प्रभाव से तबीयत खराब होने के कारण अस्पताल में दाखिल कराया गया था। मंगलवार रात मनीष की इलाज के दौरान मौत हो गई। मनीष की मौत पर उसके मामा शिकारपुर निवासी साधु राम ने आरोप लगाया कि मनीष को जहर देकर मारा गया है, जबकि मनीष के ताऊ का कहना है कि मनीष ने गलती से जहर पी लिया था। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
भोजराज निवासी ईश्वर सिंह ने बताया कि उसके बड़े भाई का परिवार ढाणी में रहता है। 25 अप्रैल की रात को उसकी भतीजी के पास फोन आया, जिसमें बताया कि मनीष ने कीटनाशक पी लिया है। यह सुनकर वह ढाणी पहुंची और सरपंच को भी मौके पर बुलाकर मनीष को शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान मनीष ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद मृतक मनीष के ताऊ ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया था कि मनीष ने भूलवश जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिस कारण उसकी हालत बिगड़ गई।
मामा का आरोप - नहीं दी कोई सूचना
मनीष के मामा साधु राम ने आरोप लगाया कि मनीष ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है, इस बारे में उसके परिजनों ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी थी। अब उन्हें इस बात का पता चला है। उनका आरोप है कि पिछले काफी समय से मनीष का दादा-दादी, ताऊ और ताई उनकी बहन के साथ मारपीट करते हैं और उनसे मिलने-जुलने भी नहीं दिया था। पहले कई बार दोनों पक्षों में पंचायतें हो चुकी हैं, लेकिन उसके बाद भी उसे परेशान करना बंद नहीं किया। साधुराम ने आरोप लगाया कि मनीष के ताऊ ने साजिश रचकर उसे जहरीला पदार्थ पिलाया, जिससे उसकी मौत हो गई।
फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों की कार्रवाई की जा रही है। बयानों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया है। वीरवार सुबह शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
- इंस्पेक्टर मनोज कुमार, सदर थाना प्रभारी, हिसार।