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जिले में तीन हादसों में पांच की मौत

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जिले में तीन हादसों में चार की मौत
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हिसार। जिले में शुक्रवार को हुए अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवती व चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को सामान्य अस्पताल में दाखिल कराया गया है, जबकि युवती को गंभीर हालत में प्राइवेट अस्पताल में भेजा गया है। मृतकों में एक युवक फतेहाबाद का निवासी है। दो मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने शव उनके परिजनों को सौंप दिए हैं, जबकि तीन शवों का पोस्टमार्टम शनिवार सुबह किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार गंगवा गांव वासी राजेंद्र की पत्नी 46 वर्षीय पुष्पा अपने बेटे कृष्ण और बेटी सोनिया के साथ मायके किरतान गांव गई हुई थी। अपने भाई को तिलक कर शुक्रवार शाम को सभी स्कूटी पर सवार होकर वापस अपने गांव की तरफ जा रहे थे। जैसे ही वे शाहपुर-लुदास गांव के पास से गुजरने वाले कैथल-राजगढ़ हाईवे के पास पहुंचे तो सामने से आ रही कार की चपेट में आ गए। इस भिड़ंत के बाद कार भी डिवाइडर से टकरा कर पलट गई। सड़क दुर्घटना में पुष्पा और उनके बेटे कृष्ण की तथा कार में सवार फतेहाबाद के शिव नगर निवासी मोहित की मौत हो गई। मोहित कार चला रहा था। मृतका पुष्पा की बेटी सोनिया के अलावा कार में सवार फतेहाबाद निवासी अरुण और साहिल गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस तथा हाईवे पेट्रोलिंग टीम के सदस्य मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और प्रत्यक्षदर्शियों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया, जबकि घायलों में सोनिया का इलाज प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है, जबकि बाकी का इलाज सरकारी अस्पताल में चल रहा है।

धार्मिक यात्रा से लौट रहे थे फतेहाबाद के तीन दोस्त
फतेहाबाद की शिव नगर कॉलोनी के रहने वाले मोहित गोयल, साहिल और अरुण अपनी अॅल्टो कार से खाटू श्याम में पूजा-अर्चना के लिए गए हुए थे। ये सभी शुक्रवार को पूजा-अर्चना करने के बाद वापस लौट रहे थे। रास्ते में शाहपुर-लुदास गांव के बीच यह हादसा हो गया। हादसे के बाद आसपास के लोगों का मौके पर जमघट लग गया और उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मोहित का परिवार धार्मिक प्रवृत्ति का बताया गया है और अकसर उनका खाटू श्याम आना-जाना होता था। उसके पिता फिलहाल सालासर गए हुए हैं।

भैया दूज पर तिलक कर लौट रही थी पुष्पा
गंगवा निवासी पुष्पा अपने बेटे करीब 23-24 साल के कृष्ण तथा बेटी करीब 15 वर्षीय सोनिया के साथ अपने मायके किरतान गई हुई थी। वह भैया दूज पर अपने भाई सुभाष को तिलक करके अपने बच्चों के साथ स्कूटी से वापस लौट रही थी। उसका बेटा कृष्ण स्कूटी चला रहा था। बताया जा रहा है कि राजेंद्र ने सोनिया को अपने भाई से गोद लिया हुआ था।

हादसा नंबर-2 (फोटो-23)
बरवाला चुंगी के पास बाइक व स्कूटी की भिड़ंत में 70 वर्षीय जगदीश की मौत
हिसार। बरवाला चुंगी के समीप शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे बाइक व स्कूटी की टक्कर में मेहता नगर निवासी 70 वर्षीय जगदीश लाल मेहता की मौत हो गई। वह नई अनाजमंडी में हरिओम ट्रेडर्स के नाम से 20 नंबर दुकान चलाते थे। घटना के समय वह अपने बेटे राकेश को लेने गए थे। राकेश हांसी से लौट रहा था। जब वह स्कूटी पर बरवाला चुंगी के पास पहुंचे तो सामने से बाइक पर आ रहे ज्योतिष व कुुंदन कुमार की बाइक व स्कूटी में टक्कर हो गई। इसमें जगदीश लाल गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि ज्योतिष व कुुंदन भी घायल हो गए। उन्हें सामान्य अस्पताल में भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने जगदीश लाल को मृत घोषित कर दिया। सिटी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक जगदीश के शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।

हादसा नंबर-3 (फोटो-22)
दुर्जनपुर के मनोज की इलाज के दौरान मौत
हिसार। लावारिस पशुओं के कारण 2 नवंबर को हुए हादसे के घायल दुर्जनपुर निवासी 26 वर्षीय मनोज ने इलाज के दौरान शुक्रवार को दम तोड़ दिया। हादसा उस समय हुआ था जब मनोज शाम को करीब साढ़े 5 बजे ऑटो में सवार होकर अपने घर जा रहा था। जब ऑटो सिरसा हाईवे पर बगला मोड़ के समीप पहुंचा तो ऑटो के आगे अचानक एक लावारिस पशु आ गया था, जिस कारण ऑटो चालक ने नियंत्रण खो दिया। इससे ऑटो में सवार मनोज सड़क पर जा गिरा और सिर सड़क पर लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। तब से उसका इलाज प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था और वह कोमा में था। शुक्रवार को वह जिंदगी और मौत की जंग हार गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।

साइड स्टोरी
बेटे का मुंह भी नहीं देख पाया मनोज
हिसार। मनोज की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। तीन नवंबर को मनोज पिता बना और उसकी पत्नी ने पहली संतान के रूप में बेटे को जन्म दिया, लेकिन मनोज को इस खुशी के बारे में पता ही नहीं था। मनोज 2 नवंबर को घटना के बाद से ही कोमा में था। बेटा होने या पिता बनने की खुशी तो दूर मनोज को तो होश ही नहीं था।
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मनोज के चचेरे भाई सज्जन सिंह ने बताया कि मनोज की प्रभुवाला निवासी आशा से करीब एक साल पहले शादी हुई थी। परिवार में एक साल हंसी-खुशी निकल गया। अब उनके परिवार में एक सदस्य के आने की खुशियों की चहल-पहल थी, लेकिन उससे पहले ही मनोज का एक्सीडेंट हो गया। वह कोमा में था कि 3 नवंबर को उसकी पत्नी आशा ने पुत्र को जन्म दिया। परिवार को उम्मीद थी कि भगवान अब जल्द ही मनोज को भी स्वस्थ कर देगा, लेकिन भगवान को शायद कुछ और ही मंजूर था।
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